देहरादून। वैश्विक महामारी कोरोना के बाद पटरी से उतरी देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। इसके बाद मजदूरों और मध्यमवर्गीय लोगों को एक बड़ी उम्मीद नजर आ रही है। केंद्र सरकार के कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने जैसे प्रयासों के बीच अब पोस्ट ऑफिस के अंतर्गत आने वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खुलवाने वालों की मारामारी पहले से अधिक हो गई है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग उल्लंघन होने के चलते पुलिस श्रमिकों को अन्य डाकघरों में जाने की सलाह देकर मुख्य डाकघर में भीड़ कम करने में जुटी है। देहरादून के मुख्य डाकघर से लेकर अन्य पोस्ट ऑफिस में बुधवार सुबह 6 बजे से ही बिहार, झारखंड व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के प्रवासी श्रमिकों की संख्या पहले से कई गुना बढ़ गई है। हालांकि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में फिलहाल कम संख्या में ही खाता खोलने की प्रक्रिया के तहत कई लोग मायूस घर लौट रहे हैं। पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों के मुताबिक अब पहले से अधिक संख्या में खाता खोलने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। लॉकडाउन के चलते लंबे समय से रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे श्रमिकों को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली आर्थिक मदद को लेकर अलग-अलग पोस्ट ऑफिस के अंतर्गत आने वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक राज्य व केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक मदद के रूप में धनराशि आवंटित की जा रही है। कुछ श्रमिकों का आरोप है कि सुबह 6 बजे से लाइन में लगने के बावजूद इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा खाता खोलने में कई तरह की आनाकानी की जा रही हैं। इससे कई लोग घंटों लाइन में खड़े होकर परेशान हो रहे हैं।सहायक हेड पोस्ट मास्टर अनुसूइया प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद एकाएक श्रमिकों में पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाने की होड़ बढ़ गई है. हालांकि इस प्रक्रिया में पहले से ही मुख्य डाकघर सहित अन्य छोटे डाकघरों को मिलाकर प्रतिदिन 300 से 400 इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में श्रमिकों के खाते खोले जा रहे थे, लेकिन अब प्रतिदिन 700 से अधिक खाते खोले जा रहे हैं। इतना ही नहीं बुधवार से सभी डाकघरों में एक-एक काउंटर और बढ़ा दिया गया है, जिसके चलते आगामी दिनों में इस तरह के खाता खोलने की संख्या और अधिक बढ़ाई जाएगी।

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