ऋषिकेश ,05मई। एक ओर जहां लॉकडाउन में समाजसेवी जरूरतमंदों की सेवा-सहायता में तत्पर हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा अनुराधा भी हैं ।जो बेजुबानों की भूख मिटाने को आगे  आई है। बीतें 40 दिनों से अनुराधा बंदरों, गायों, कुत्तों व अन्य बेजुबानों की भूख मिटा रही है। स्वर्गाश्रम-जौंक में रहने वाली और जौलीग्रांट हिमालयन  मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढाई कर रही, अनुराधा राणा बेसहारा गायों के लिए वे चारे की व्यवस्था करती हैं, तो बंदरों के लिए चने की और कुत्तो के लिये पेडीग्री। लॉकडाउन में यह क्रम उनकी दिनचर्या का अनिवार्य अंग बन गया है। स्वयं भोजन करने से पहले वे बेसहारा जानवरों की भूख मिटाती हैं। वे कहती है कि लॉकडाउन के दौरान योग नगरी में पर्यटकों की आमद बंद होने से बेजुबनों के आगे खाने का संकट गहरा गया। जिससे इन भूखो बेजुबान जानवरों के लिये उन्होनें खुद के खर्चे से भोजन की वयवस्था कराने के साथ ही इनकी देखभाल शुरु कर दी थी। बताया कि पहले पर्यटक आते थे तो इनके लिये खाने की वयवस्था हो जाती थी। लेकिन लॉक डाउन में ऐसा न होने से दिक्कतें आने लगी। तब उन्होनें इनकी मदद पर विचार किया और इन्हे सुबह शाम भोजन की वयवस्था करती है। ये बेजुबान भी अनुराधा के साथ प्रेम भाव से आते हैं और बड़े चाव के साथ भोजन करते हैं। अनुराधा भी इनपर खूब प्यार लूटाती हैं।

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