देहरादून, 01 मई। दुनियांभर में कोविड-19 महामारी फैलने के बाद आधी से ज्यादा दुनियां लाॅकडाउन हो गयी है। जिससे दुनियां में कामकाज ठप पड जाने के कारण लोग करोड़ो की संख्या में बेरोगार हो गए है। भारत में भी कोविड-19 के चलते लाॅकडाउन हुए एक माह से उपर गुजर गया है। डाक्टरों,निगम कर्मचारियों व आवश्यक सेवा करने वालों को इस समय करोना वारियर्स का नाम देकर उन्हे सम्मान देने का काम विभिन्न मचों से किया जा रहा है। लाॅकडाउन के चलते चाहे वे होटल व्यवसाई हो या फिर वाहन चालक या फिर वकील हो या अन्य इस महामारी ने सभी का काम धन्धा चैपट किया है। जोकि इस मुश्किल की घडी में सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है। देश के मीडिया पर भी कोविड-19 की बूरी मार पडी है। महामारी के बाद मीडिया में अर्धबेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गयी है। उपर से कई मीडिया घराने बंद होने की कगार पर आ गए है। मीडिया कर्मियों को भी वेतन के लाले पडे हुए है। लाॅकडाउन के दौरान घर में बैठे आम लोगों तक पल पल की खबर पहंुचाने वाला मीडिया इस महामारी के दौरान खुद बेरोजगारी, अर्धसैलरी व आर्थिक तंगी का शिकार हो गया है। मीडिया इस समय हर वर्ग और समुदाय की समस्याए सरकार तक और सरकार के कार्यो को जनता के बीच लाने का प्रमुख काम कर रहा है। पर मीडिया कर्मी खुद अपने बिगडे हुए आर्थिक हालात किसके सामने रखे यह एक विचारणीय विषय हो गया है। इस दौरान न ही सरकार और न ही समाज सेवा में लगी संस्थाएं मीडिया की सुध लेते नही दिख रही है। जबकि मीडिया कर्मियों की आर्थिक समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है।
युवा पत्रकार कैलाश जोशी अकेला जी ने अपने पत्रकार साथियों की आने वाले वक्त में परेशानियों पर  चिंता  व्यक्त की। इससे पहले भी कई बार  जोशी जी समय समय पर पत्रकारों की समस्याओं पर चिंतन करते रहे है। यही सब विचार कर युवा पत्रकार कैलाश जोशी ने फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से एक मुहीम चलाने का निर्णय लिया है। जिससे कि सरकार को पत्रकारों की समस्याओं का भी बोध हो सके।
 आज कोविड-19  वाइरस से पूरा विश्व हलकान है। ऐसे में हमारा देश भी अछूता नही है । और देशों के मुकाबले में हमारा देश भी बेहतर इस्थिति में। जिस हिसाब से हमारे देश की आबादी विश्व मे सर्वश्रेष्ठ है उस हिसाब से हम इस वाइरस पर विजय हासिल कर रहे है। परंतु इससे बचने के भारत सरकार के जरूरी कदम लॉक डाउन से सभी महकमे अछूते नही है। रिपोर्ट्स बता रहे है कई
 मीडिया  संस्थानों ने अपने यहाँ कटौती की है और सेलरी भी काट के दे रहे है जो चिंता का विषय है
जो पत्रकार निजी तौर पर कार्य करते है उनका बहुत बुरा हाल है। कमाई का जरिया फिलहाल सब बन्द है ओर किसी तरह घर का खर्चा चला रहे है।  लेकिन लॉक डाउन के बाद जैसे ही बाजार खुकेंगे ऐसे में पत्रकारों को बहुत बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है अगर ऐसे में भारत सरकार और राज्य सरकार पत्रकारों के लिए एक निश्चित राशि का प्रावधान रखकर फंड का  इंतजाम पहले से करके पत्रकारों को मुहैया करवा देना चाहिये ताकि पत्रकार अपना कार्य व परिवार का भरण पोषण भली भांति कर सके। ऐसे में कैलाश जोशी जी ने फेसबुक पर मुहिम चलाई है जिसका उनको मीडिया, समाजिक, राजनीतिक ,  सहयोगियों के जबरदस्त  समर्थन मिल रहा है।

Post A Comment: