ऋषिकेश,10 अप्रैल।  अब जल्द ही कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने वाली दवाई का उत्पादन तीर्थनगरी ऋषिकेश की आई.डी.पी.एल. में होगा। कोरोना के संकट को देखते हुए मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल ने पहल करते हुए श्यामपुर जिला पंचायत द्वारा दवाई उत्पादन फैक्ट्री के मैनेजर को हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन दवाई का उत्पादन करने के लिए फ़ोन पर बात की।

 कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन दवाई का नाम समाने आया है। हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन का सबसे बड़ा उत्पादन करने वाला देश भारत ही है। जिसको देखते हुए
विश्वस्तरीय कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए भारत से अमेरिका सहित कई देश हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन दवाई की डिमांड कर रहे है , ऐसे में जरूरत है कि दवाई का उत्पादन अधिक से अधिक हो।1961 में ऋषिकेश में स्थापित आइडीपीएल फैक्ट्री में कुछ सालों पहले यह दवाई बनाई जाएगी थी। जिसको देखते हुए देश के मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा अपने प्रतिनिधित्व के रूप में श्यामपुर के जिला पंचायत संजीव चौहान को आइडीपीएल फैक्ट्री के मैनेजर से वार्तालाप के लिए भेजा गया। वार्तालाप के दौरान मैनेजर रामप्रसाद ने बताया कि फैक्ट्री हर तरीके से दवाई बनाने के लिए तैयार है एवं फैक्ट्री की सभी मशीने दवाई बनाने के लिए सुचारू है। सरकार द्वारा निर्देश मिलते ही हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन दवाई का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

विश्वस्तरीय महामारी के समय सबसे पुरानी एवं भारत की सबसे बड़ी दवाई उत्पादन करने वाली फैक्ट्री में हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन का उत्पादन होता है तो महामारी के इस दौर काफी राहत मिलेगी। साथ ही ऋषिकेश , उत्तराखंड का राष्ट्रीय स्तर पर नाम होगा।

वहीं जानकारी देते हुए जिला पंचायत मानव संसाधन मंत्री द्वारा  हैड्रॉक्सिक्लोरोकिन दवाई के उत्पादन शुरू करने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है। जिसके लिये आइडीपीएल फैक्ट्री के मैनेजर के साथ वार्ता हुई है एवं ज्ञापन भी दिया गया है। जल्द ही सरकार से मंजूरी के बाद उत्पाद शुरू हो जाएगा।

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