योगाचार्या व असिस्टेंट प्रोफेसर (ओंकारानंद इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी )
मीना मिश्रा ( मनु योगिनी  )ने बताया की मनुष्य अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता का ख्याल रखे तथा उसे मजबूत रखे और बढ़ाये तोउसे किसी भी बीमारी से डरने की जरुरत नहीं चाहे वो सर्दी ,जुकाम ,बदलते मौसम से उत्पन्न होने वाली बीमारी ,जीर्ण रोग ही क्यों न हो |इम्युनिटी कम होने से व्यक्ति रोग से शीघ्र ग्रसित होता है
उन्होंने कहा समस्त रोग उत्पन्न होने का एक मुख्य कारण त्रिदोष (वात,पित्त,कफ )का असंतुलित होना भी है त्रिदोष को संतुलित एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता की मजबूती व्यक्ति को आरोग्य बनाती है
इसके लिए मनुष्य को पोषक तत्वों का सेवन ,उत्तम दिनचर्या ,व्यायाम ,योग ,उपवास ,नींद आदि का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए
योगाचार्या ने कहा आज विश्व कोरोना नामक महामारी से लड़ रहा है ऐसे समय में श्रीमद्भागवत गीता में वर्णित उपदेश का भी पालन करना चाहिए जिस में कहा गया था रोग शोक से भरे संसार में मनुष्य को उद्गीन हो जाने के ,घबरा जाने के मौके आते ही रहते है ऐसे मौकों पर उन्हें जिस चीज की सबसे अधिक जरूरत होती है वो है शांति ,और ध्यान और इन दोनों के लिए ही एकांतवास की जरूरत होती है इस महामारी से बचने का सबसे उत्तम उपाय है ये |सुबह और संध्या कालीन को नियमित रूप से यौगिक क्रियाओं का अभ्यास करे तथा यौगिक आहार लें। यौगिक क्रियाओं ताड़ासन ,भुजंगासन ,सूर्यनमस्कार ,नौकासन ,पवनमुक्तासन समूह प्राणायाम में नाड़ीशोधन सूर्यभेदी तथा ध्यान का अभ्यास करे तथा बाहर का भोजन बंद कर दें।
स्वच्छता का ध्यान दें विटामिन डी के लिए धूप में बैठे .इस महामारी से बचने के लिए उपर्युक्त नियमों का पालन करके इस महामारी
से बचा जा सकता है घर पर रहिये ,स्वस्थ रहिये । 

Post A Comment: