ऋषिकेश, 14 अप्रैल। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने लापता महिला आईडीपीएल के जंगल में मिली लाश के मामले में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने महिला की हत्या अवैध संबंध के चलते की हुई थी पुलिस ने आरोपी सुरेश पुत्र राम सुफल निवासी कन्डियाल मोहल्ला निकट पानी की टंकी ढाल वाला मुनी की रेती के खिलाफ 302 धारा के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है कोतवाली पुलिस के मुताबिक बीते शनिवार को आईडीपीएल के एक जंगल में ढाल वाला निवासी पान मती 35 पत्नी महेंद्र राम संदिग्ध परिस्थितियों में  आईडीपीएल की झाड़ियों में शव मिला था। जिसके बाद पुलिस ने तहकीकात शुरू कर मामले की जांच शुरू कर दी पति की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था इसके बाद पुलिस जांच पड़ताल में पता चला है कि घटना के दिन महिला एक व्यक्ति के साथ स्कूटी में सवार होकर आईडीपीएल की और आई थी जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर आरोपी की पहचान कर कोतवाली में बुलाया जहां सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद आरोपी टूट गया और जुर्म कबूल कर लिया कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है ।

 ये था मामला💀पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि मैं काफी वर्षो से तनख्वा पर लोगो का ट्रैक्टर चलाकर अपना जीवन यापन करता हॅूं। *आज से लगभग 4-5 वर्ष पूर्व मेरी पहचान महेन्द्र पुत्र नन्हक मूल निवासी ग्राम बलिया उ0प्र0 हाल नि0 ढालवाला मुनिकीरेती से हुई थी जो अपनी पत्नी पानमती के साथ ढालवाला क्षेत्र में खाने व चाय की ठेली लगता था, हम दोनो का एक दूसरे के घर में आना जाना भी होने लगा इसी के चलते मेरी जान पहचान महेन्द्र की पत्नी पानमती से हो गयी थी, मैं पानमती से फोन पर काफी बातचीत करने लगा था। धीरे धीरे हम दोनो के बीच अवैध सम्बन्ध बनने आरम्भ हो गये, मैने कई बार पानमती के घर में व इधर उधर पानमती के साथ अवैध सम्बन्ध बनाये। मैं जहां काम करता था वहां से मुझे ₹10000 तनखा मिलती थी  जिसमें से प्रत्येक माह ₹5000  पान मति मांग लेती थी। जिसको मैं हर महीने ₹5000  दे रहा था। वह कहती थी कि यदि तुमने ₹5000 नहीं दिए तो मैं पुलिस व तुम्हारे घर वालों को बता दूंगी। पानमती की इस धमकी से मैं काफी डर गया था व परेशान रहने लगा था व मुझे डर लगने लगा था कि यदि पानमती अचानक किसी दिन पुलिस या मेरे घर चली गयी तो मेरी सारी पोल पट्टी खुल जायेगी, जिसके चलते मैंने पानमती को अपने रास्ते से हटाने की ठान ली थी। दिनांक 04.04.20 को पानमती ने सुबह मुझे फोन किया व मुझसे कहा कि मुझे 5000 रूपये की जरूरत है मैने सोचा इसे आज रूपये देने के बहाने की एकान्त में ले जाकर खत्म कर दूंगा इस पर मैने उसे बाद में फोन कर आने को कहा, लगभग साढे नौ बजे मैने पानमती को फोन कर 14 बीघा वाले पुल पर मिलने को कहा व वहां से मैं पानमती को अपनी सफेद टीवीएस स्कूटी जिसका नम्बर UK14 -F-1876 है, पर बैठाकर हरिद्वार रोड़ होते हुये आईडीपीएल गोल चक्कर से पहले जंगल जाने वाली कच्ची पक्की पगड़डी से होता हुआ एक छोटे से मैदान पर पंहुचकर स्कूटी खड़ी कर पानमती को लेकर थोड़ा अन्दर झाड़ियों की तरफ गया। वहां पर मैने पानमती को शराब पिलाई व उसके मद्यहोश होने के बाद उसके साथ दो बार अवैध सम्बन्ध बनाये। जब वह नशे में हो गयी तब मैने पास पड़े एक बड़ा सा पत्थर उठाकर उसके सिर पर दो तीन बार मार दिया जिससे वह मौके पर ही मर गयी, पत्थर को मैंने वंही झाड़ियों के पीछे छिपा दिया तथा मैं झाड़ियों के बीच से निकलकर अपनी स्कूटी से वापस अपने घर आ गया इसी दौरान मेरा आधार कार्ड भी वंही कंही झाड़ियों में गिर गया था। मैं काफी डर हुआ था व तबसे अपने घर व आस पास ही छिपा था, मुझसे गलती हो गयी है मुझे माफ कर दो, जिस पत्थर से मैने पानमती को मारा उसे मैं आपके साथ चलकर बरामद करवा सकता हॅूं। 

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