देहरादून। उत्तराखण्ड के कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में तीन मई तक किसी भी तरह की ढील नहीं दी जायेगी। 20 अपै्रल के बाद सिर्फ ग्रीन जोन वाले आठ जिलों में थोड़ी छूट दी जा सकती है।
स्वास्थ्य सचिव रितेश झा द्वारा इस आशय की जानकारी देते हुए बताया गया है कि राजधानी दून व उधमसिंह नगर जहा सबसे अधिक कोरोना के पीड़ित मिले है उन्हें रेड जोन घोषित किया गया है। केन्द्रीय गृहमंत्रालय द्वारा संवेदनशील और अति संवेदनशील जिलों की सूची जारी कर दी गयी है। इस सूची में देहरादून और उधमसिंहनगर को हाट स्पाट सिटी की सूची में रखा गया है। इसलिए 3 मई तक इन दोनों की जनपदों में किसी भी तरह की ढील और रियायत नहीं दी जायेगी।
उल्लेखनीय है कि अब तक राज्य में कुल 37 कोरोना संक्रमित लोग पाये गये है। इनमें से 9 लोगों के ठीक हो जाने के कारण उन्हे अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। दून में अब तक सबसे अधिक 18 मामले सामने आये है जबकि उधमसिंह नगर में 12 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इसके अतिरिक्त पौड़ी और अल्मोड़ा में एककृएक तथा हरिद्वार में पांच मामले मिले है।
स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि राज्य के तीन जिलों को यलो जोन में रखा गया है। जिन जिलों में अब तक एक या दो ही मामले सामने आये है उनमें अगर आगे कोई मामला सामने नहीं आता है तो इन जिलो से एक दूसरे जिलों में आने जाने से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। आज शाम को सीएम की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में ढील के बारे में विचार मंथन होगा। फिलहाल किसानों को कृषि कार्य और आल वेदर रोड निर्माण कार्यो के लिए ढील दिये जाने की योजना है। राज्य सरकार का कहना है कि लाकडाउन पार्ट 2 का राज्य में सख्ती से अनुपालन किया जायेगा।

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