ऋषिकेश, 7 मार्च। एमआईटी ढालवाला में मनाया  गया होली का पर्व, संस्थान के सभी अध्यापकों ओर बच्चों ने मिलकर होली का पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाया । होली महोत्सव पर संस्थान के निदेशक रवि जुयाल ने बताया कि होली के त्यौहार में रंगों के माध्यम से अपनी संस्कृति के रंग में रंगकर सारी भिन्नताएं मिट जाती हैं और सभी एक रंग के हो जाते हैं । वहीं दूसरी ओर धार्मिक रूप से भी होली की बहुत उपयोगिता हैं। मान्यता है कि इस दिन स्वयं को  भगवान मान बैठे हरिण्याकश्यप ने भगवान की भक्ति में लीन होकर अपने ही पुत्र प्रह्लाद को अपनी बहन होलिका के जरिये जिंदा जला देना चाहा था लेकिन भगवान ने भक्त पर अपनी कृपा की और प्रह्लाद के लिये बनाई गई चिता में स्वयं होलिका ही जल कर मर गई। इसलिये इस दिन होलिका दहन की परंपरा भी है। होलिका दहन से अगले दिन रंगों से से खेला जाता है इसलिये इसे रंगवाली होली और इसे दुलहंडी भी कहा जाता है। सभी के संबोधन के बाद होली पर्व की शुभकामनाएं देकर कार्यक्रम का समापन किया। मौके पर एमआईटी संस्थान के निदेशक रवि जुयाल, डॉ एलएम जोशी, अंशु यादव,अजय तोमर, डॉ वी के शर्मा, राजेश चौधरी,डॉ रितेश जोशी,अमित जोशी,प्रदीप पोखरियाल, अखिलेश बिजल्वाण, कामेश यादव,संदेश भंडारी, धर्मबीर थपलियाल, सुबोध थपलियाल व अन्य सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

Post A Comment: