ऋषिकेश,10फरवरी( AKA)। हरिद्वार ऋषिकेश में  बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण  को नियंत्रित किए जाने के साथ प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने पर  जर्मन से आए  वैज्ञानिकों  व हरिद्वार ,ऋषिकेश ,नरेंद्र नगर, मुनि कि रेती के अधिकारियों के साथ को कुम्भ से पूर्व उक्त शहरों को प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने पर  विचार किया गया । सोमवार को नगर निगम ऋषिकेश के सभागार में ऋषिकेश नगर निगम के आयुक्त नरेंद्र सिंह क्विरियाल की अध्यक्षता मे आयोजित बैठक में   नमामि गंगे परियोजना के दौरान गंगा रिजूविनेशन कार्यक्रम के चलते जी आई जेड द्वारा गंगा प्लास्टिक सिटी पार्टनरशिप योजना के अंतर्गत गंगा किनारे शहर हरिद्वार -ऋषिकेश में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के दौरान प्लास्टिक को कम करने के लिए बनाई गई, केंद्र सरकार द्वारा पायलेट योजना के अंतर्गत योजना बनाने को लेकर बैठक के दौरान जीआईजेड के अंतरराष्ट्रीय तथा भारतीय विशेषज्ञों के साथ एस पी एम जी के अधिकारियों की बैठक में विस्तृत रूप से चर्चा की गई ,जिसने संबंधित विभाग अधिकारियों द्वारा किस प्रकार सफाई व्यवस्था के साथ प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने के लिए भी अभियान चलाया जायेगा। उस पर भी विचार विमर्श किया गया इसी के साथ बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्लास्टिक अपशिष्ट को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में आगामी महाकुंभ के अतिरिक्त अन्य पर्वों पर आने वाली जनसंख्या द्वारा की जा रही, नदियों में गंदगी को स्वच्छता की दृष्टि से भी चैलेंज के रूप में स्वीकार करते हुए योजनाएं बनाए जाने पर चर्चा हुई ,बैठक में अधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया कि सबसे पहले हमें होटलों से निकलने वाले अपशिष्ट पर ध्यान देना होगा जिसके लिए तीन प्रकार की केटेगरी बनानी चाहिए जिसमें बड़े होटल ,छोटे होटल, व ढाबों को भी शामिल किया जाए, बैठक में गंगा की निर्मलता व स्वच्छता को लेकर भी योजना बनाने को कहा गया है। बैठक में नगर निगम आयुक्त नरेंद्र सिंह क्विरियाल, जीआईजेड के एक्सपर्टपरवेक्स, रवि पांडे ,अधिशासी अभियंता संदीप कश्यप ,परियोजना प्रबंधक बीपी भट्ट,अधिशासी अधिकारी मुनि की रेती ,भूपेंद्र सिंह पवार सफाई निरीक्षक ,दीपक कुमार ,रमेश सिंह रावत, सुरेंद्र सेमवाल ,संतोष सिंह ,अभिषेक मल्होत्रा, सचिन सिंह रावत ,विनोद लाल सहायक नगर आयुक्त, भी मौजूद थे ।

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