ऋषिकेश, 4 फरवरी। परमार्थ निकेेतन में एस सी गुप्ता प्रोजेक्ट मैनेजर, ऋषिकेश - कर्णप्रयाग रेलवे लाइन सपरिवार पधारे उन्होने परमार्थ गंगा आरती और सत्संग में सहभाग किया।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने चर्चा के दौरान कहा कि ऋषिकेश योग की राजधानी के रूप में विकसित हो रहा है। विश्व के अनेक देशों से योग जिज्ञासु और पर्यटक यहां पर आते है ऐसे में योग नगरी ऋषिकेश के रेलवे स्टेशन पर भी बने योग और ध्यान केन्द्र। साथ प्लास्टिक बाॅटल मुक्त, हरियाली से युक्त सेल्फी प्वांइट के रूप में विकसित करने की जरूरत है ताकि यहां से वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक मुक्त ऋषिकेश का संदेश प्रसारित हो सके। उन्होने कहा कि ऋषिकेश - कर्णप्रयाग रेलवे लाइन भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  का भारत एवं पूरे विश्व के यात्रियों को अद्भुत उपहार होगा। इससे समय बचेगा, दूरी कम होगी, प्रदूषण भी कम होगा तथा यात्रियों को रेल में बैठे-बैठे ही हिमालय और हिमालयी जड़ी बूटियों का भी दर्शन होगा।  योग नगरी ऋषिकेश में बन रहे नूतन रेलवे स्टेशन एवं वहां पर उपलब्ध होने जा रही सभी सुविधाओं की भी स्वामी जी ने भूरि - भूरि प्रशंसा की। उन्होने कहा कि इस परिसर में जो भी आयेगा उसे एक अद्भुत शान्ति का अनुभव होगा।
 स्वामी ने कहा कि नासिक की तर्ज पर ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को भी आॅक्सीजन पार्लर के रूप में विकसित किया जाये और एक रमणीय योग और ध्यान कक्ष बनाया जायें ताकि श्रद्धालु वहां पर आकर शान्ति का अनुभव कर सके। साथ ही स्वामी ने ’’पी लो पानी’’ के बारे में जानकारी देते हुये कहा कि इससे ’’प्लास्टिक बाॅटल मुक्त ऋषिकेश’’ बनाने में बहुत बड़ा योगदान मिल सकता है। यह वाटर एटीएम (जल मन्दिर) 24 घन्टे जल प्रदान करते हैं तथा इसमें केवल 10 प्रतिशत जल का नुकसान होता है तथा 90 प्रतिशत जल का उपयोग पीने के लिये किया जाता है। यह प्रति घंटे 300 लीटर शुद्ध जल तैयार करने की क्षमता रखता है। स्वामी जी ने कहा कि शौचालय के प्रति जागरूता के लिये रेलवे स्टेशन पर टाॅयलेट कैफे होना चाहिये जहां पर लोग बैठकर चाय काॅफी का आनन्द लेते हुये शौचालय स्वच्छता के प्रति जागरूक भी हो सके।
  एस सी गुप्ता ने कहा कि रेलवे स्टेशन, ऋषिकेश पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और सहज वातावरण उपलब्ध करने के लिये पूरा प्रयास किया जायेगा। उन्होने वृक्षारोपण के सुझाव पर अमल करने की बात कहते हुये कहा कि हमने रेत वाले स्थानों पर भी वृक्षारोपण किया है। इस परिवेश को और भी सुन्दर और रमणीय बनाने में पूरा सहयोग प्रदान किया जायेगा।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में एस सी गुप्ता जी ने सपरिवार विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया तथा स्वामी  ने पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

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