ऋषिकेश, 24 जनवरी।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में शनिवार को आंखों के संक्रमण की रोकथाम और इससे उत्पन्न होने वाली बीमारियों के निदान विषय पर राज्यस्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों के सौ से अधिक नेत्र विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। 
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि उत्तराखंड में जनजागरुकता के अभाव में आंखों के संक्रमण से होने वाली बीमारियां अधिक पनप रही हैं। उन्होंने बताया ​कि लापरवाही बरतने पर कईदफा संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति की आंखें हमेशा के लिए खराब हो जाती हैं। ऐसे में एम्स संस्थान का प्रयास है कि नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ समन्वय स्थापित कर राज्यभर से दृष्टिबाधिता को समाप्त करने की पहल की जाए। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि एम्स संस्थान की पहल पर आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी में उत्तराखंड के नेत्र रोग विशेषज्ञ आंखों के संक्रमण से होने वाली बीमारियों व उनके निदान पर मंथन करेंगे।                                                                            संस्थान के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. संजीव मित्तल ने बताया कि इस कार्यक्रम में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा राज्य के लगभग सभी जनपदों से नेत्र सर्जन और नेत्र विशेषज्ञ आंखों में संक्रमण की रोकथाम और उपचार पर सामुहिक चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय संगोष्ठी का आयोजन ऑल इंडिया ऑप्थोमोलॉजी सोसाइटी व उत्तराखंड स्टेट ऑप्थोमोलाॅजी सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। आयोजन  सचिव और एम्स के नेत्र कोष की निदेशक डा. नीति गुप्ता का कहना है कि यदि आम व्यक्ति अपनी आंखों के प्रति सजग और जागरुक रहे तो आंखों को संक्रमण से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी बतौर मुख्यअतिथि प्रतिभाग करेंगे व हैदराबाद स्थित एलवी प्रसाद आई हाॅस्पिटल की ऑक्यूलर माइक्रोलाॅजी विभाग की विशेषज्ञ डा. सावित्री शर्मा अपने अनुभव साझा करेंगी।

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