ऋषिकेश, 2 जनवरी। ऋषिकेश सेंटर की प्रधान संचालिका  बी के आरती बहन ने बताया  की , नववर्ष मनाने एवं  बधाई देने से वर्ष शुभ नहीं हो सकता , नव वर्ष तभी शुभ होगा जब हमारे कर्मों में भी शुद्धता, श्रेष्टाता आएगी,
 देह के अभिमान से ही दुष्कर्म होते हैं, गीता में भी लिखा है की देही अभिमानी आत्मिक दृष्टि से शुद्ध होने पर दुष्कर्म भी शुभ कर्म में परिवर्तित हो जाते हैं हम अपने आहार विचार एवं व्यवहार की श्रेष्टाता से ही अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकते हैं, इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर स्वामी लोकेश दास जी महाराज ने कहा कि  हमें अपने बच्चों को भी संस्कारित करके  सत्संग में जरूर लाना चाहिए, योग में विकारों को शांत करने के  चित्त की  विकृतियों  को  एकाग्र करना बहुत जरूरी है, गृहस्ती ही सब बाधाओं को पार करके पुरुषार्थ करते हैं
 इसलिए वह धन्य है ,

इस अवसर पर जगन्नाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष गोवर्धन लाल चावला एवं नगर के गणमान्य व्यक्तियों में रामफल गुप्ता जी,  लायन अजय गोयल,  पूर्व पंचायत अध्यक्ष जौलीग्रांट राजकुमार पुंडीर,  एम पी राणा, आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं 250 बी के भाई बहन उपस्थित रहे।

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