ऋषिकेश, 30 जनवरी (AKA)।श्री गीता आश्रम इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष ब्रह्मलीन योगीराज महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद सरस्वती की 20वीं पुण्यतिथि पर संतों ने गौ, गंगा ,गायत्री की रक्षा किए जाने का लिया संकल्प। गुरुवार को गीता आश्रम में आयोजित ब्रह्मलीन योगीराज महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद सरस्वती की योगीराज स्वामी प्रेम वर्णी की अध्यक्षता में पुण्यतिथि पर संतों ने कहां की गीता आश्रम गीता के प्रचार-प्रसार के लिए देश ही, नहीं दुनिया में विख्यात है। जहां से हजारों गीता के प्रचारकों को गीता का अध्ययन कराकर भारत में ही नहीं विश्व के अनेकों देशों में भेजा गया जोकि गीता के प्रचार प्रसार में लगे हैं, जिसकी स्थापना महामडलेश्वर वेदव्यास द्वारा की गई थी। जिन्होंने प्रारंभिक काल से ही छोटे-छोटे बच्चों को गीता के प्रचारक के रूप में तैयार किया, उनके पद चिन्हों पर चलकर ब्रह्मलीन महामडलेश्वर शांतानंद ने भी उनका अनुसरण किया। जिसके कारण गीता आश्रम को दुनिया भर में गीता के प्रचार प्रसार के लिए जाना जाता है ।संतो ने कहा कि जिस प्रकार हरिद्वार का शांतिकुंज गायत्री के प्रचार प्रसार में लगा है। उसी प्रकार यह आश्रम भी इस कार्य को  जिम्मेदारी के साथ कर रहा है, संतों का कहना था कि  गंगा को निर्मल व स्वच्छ बनाने के लिए भी लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी लोगों को संकल्प लेना होगा। क्योंकि गो ,गंगा, गायत्री, व गीता को बचाने के लिए सभी एकजुट हो, जो कि मानव जाति के लिए अत्यंत आवश्यक है ।इस अवसर पर चंद्र मित्र शुक्ला ,भानु मित्र शर्मा, त्रिभुवन उपाध्याय , पंडित दिव्यानंद सहित काफी संख्या में संत व शांतानंद के अनुयाई भी उपस्थित थे।

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