ऋषिकेश, 8 जनवरी।  चंद्रग्रहण के ठीक 14 दिन बाद शनि ग्रह अपनी कक्षा को बदलते हुए मकर राशि में करेंगे 24 जनवरी को प्रवेश इसलिए यह ग्रहण रहेगा बहुत संवेदनशील
   इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को पड़ रहा है ग्रहण रात 10:36 से शुरू होकर देर रात 11 जनवरी को 2:40 तक रहेगा 4 घंटे से ज्यादा की अवधि का यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा
  मुख्यमंत्री द्वारा ज्योतिष वैज्ञानिक सम्मान से सम्मानित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल में संस्कृत प्रवक्ता आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया हांगकांग स्विट्ज़रलैंड सहित भारत में भी दिखाई देगा ग्रहण का जनजीवन के साथ ही संपूर्ण मानव जाति पर पूर्ण प्रभाव पड़ेगा या ग्रहण मिथुन राशि पर लग रहा है इसलिए मिथुन राशि के जातकों को विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है ग्रहण का यह 4 घंटे का समय मंत्र तंत्र यंत्र साधना के लिए मील का पत्थर साबित होगा
  26 दिसंबर को लगे खंडग्रास सूर्यग्रहण के देश पर दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ऋषिकेश में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में व्यासपीठ पर विराजमान  श्रीमद्भागवत रत्न आचार्य घिल्डियाल बताते हैं की पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन से निकले अमृत को जब भगवान विष्णु मोहिनी अवतार लेकर देवताओं को बांट रहे थे तो निशा चरणों में बहुत बुद्धिमान एक निशाचर देवताओं के साथ बैठकर अमृत पी गया इशारा होने पर भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसके सिर को धड़ से अलग किया सिर वाला भाग राहु तथा धन वाला भाग केतु कहलाता है इसलिए राहु सूर्य को ग्रसित करता है तो सूर्य ग्रहण और केतु चंद्रमा को ग्रसित करता है तो चंद्र ग्रहण लगता है वैज्ञानिक भाषा में चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाएगा इसलिए उस पर छाया पड़ जाएगी तो चंद्रग्रहण कहलाता है
   सौर विज्ञानी डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार वर्ष 2020 में 6:00 ग्रहण पड़ेंगे जिनमें दो सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण होंगे चंद्र ग्रहण 10 जनवरी 5 जून 5 जुलाई और 30 नवंबर को बढ़ेंगे जबकि 21 जून और 14 दिसंबर को सूर्य ग्रहण पढ़ेंगे
   राशि अनुसार ग्रहण का फल
   मेष राशि मिलाजुला असर रहेगा तथा पराक्रम भाव में वृद्धि होगी वृष धन हानि होगी मिथुन मानसिक कष्ट के साथ पारिवारिक कलह कर्क राशि बेहद प्रभावशाली योग बन रहे हैं सिंह अप्रत्याशित लाभ के साथ ही धन प्राप्ति के योग कन्या मिलाजुला असर रहेगा तुला पारिवारिक उलझने बढ़ेंगे वृश्चिक धन हानि का योग है धनु परिवार और सहयोगी कारोबारी से विवाद की स्थिति बन सकती है मगर शत्रुओं पर विजय मिलेगी कुंभ शुभ समाचार मिलेंगे मीन व्यापार में पूर्ण सफलता रुके हुए धन की प्राप्ति होगी
     ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
 उत्तराखंड में प्रथम राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर घिल्डियाल के अनुसार सभी राशि के जातक जिनके लिए ग्रहण की स्थिति ठीक नहीं है विशेष रुप से  मेष वृष मिथुन तुला और कुंभ राशि के जातक अपने इष्ट कुलदेवता का जाप करें और सभी राशि वाले लॉन्ग का जोड़ा गणेश जी के सामने रख दे और सुबह ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर उस लोंग के जोड़े को नदी में प्रवाहित करें तो सभी को शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

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