सुरक्षा मुहैया कराने में सीएम त्रिवेंद्र ने उड़ाई सर्वोच्च न्यायालय की धज्जियां |               

वर्ष 2017 में उपलब्ध कराई थी नियम विरुद्ध जेड श्रेणी की सुरक्षा |             

  -दक्षिण अफ्रीका के विवादित व्यवसाई हैं गुप्ता बंधु । जीवन भय आख्या व अन्य औपचारिकताओं का कोई अता-पता नहीं, सिर्फ जुबानी जमा खर्च | विकासनगर - मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री/ गृहमंत्री श्री त्रिवेंद्र रावत ने मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर 16/ 6/17 को बगैर औपचारिकता पूर्ण किए व जीवन व्याख्या प्राप्त किए, दक्षिण अफ्रीका के कारोबारी तथा सहारनपुर निवासी गुप्ता बंधुओं ( अतुल गुप्ता एवं  अजय गुप्ता) को जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी |हैरानी की बात यह है कि श्री त्रिवेंद्र ने अपने कथन में लिखा है कि "गुप्ता बंधुओं  ने मुझसे मुलाकात कर अपनी सुरक्षा चिंताओं एवं दक्षिण अफ्रीका के सातवें सबसे धनी व्यक्ति होने तथा इंटरनेट पर उपलब्ध विवरण प्रस्तुत किया गया", जिसके  आधार पर कार्रवाई / संस्तुति की गई | मा.सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित विशेष अनुज्ञा याचिका मेरा(सिविल) संख्या 25237/2010 अभय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य में व्यवस्था दी थी कि  जीवन भय आख्या एवं प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष कारकों के परिलक्षित होने के उपरांत ही  सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन श्री त्रिवेंद्र ने गुप्ता बंधुओं के लिए सारे नियम कानून को ताक पर रख दिया | उक्त सुरक्षा, दक्षिण अफ्रीका मेविवाद होने के उपरांत 22/3/18 को हटा दी गई थी | नेगी ने कहा कि श्री त्रिवेंद्र द्वारा सिर्फ और सिर्फ अपने आदेश के द्वारा बिना कोई औपचारिकता पूर्ण किए "जेड" श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई ।नेगी ने कहा कि उक्त के उपरांत भी श्री त्रिवेंद्र का गुप्ता बंधुओं से मोह नहीं छूट पाया तथा फिर उनको दिनांक 31-12-18 को दो गनर उपलब्ध कराए, जबकि अभिसूचना एवं जनपदीय जीवन भय आकलन समिति द्वारा दिनांक 16-11-18 को स्पष्ट मना कर दिया गया था कि इनको कोई भय नहीं है तथा सुरक्षा  मुहैया नहीं कराई जानी चाहिए |                मोर्चा सीएम त्रिवेंद्र व गुप्ता बंधुओं के संबंधों की भी जांच की मांग करता है | पत्रकार वार्ता में - मोहम्मद असद, दिलबाग सिंह, प्रवीण शर्मा पिन्नी, सुशील भारद्वाज आदि थे

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