ऋषिकेश, 31 दिसम्बर। भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए बालिका शिक्षा है बहुत जरूरी    डॉक्टर  घिल्डियाल
  गजब भयो रामा गजब भयो रे मथुरा में कान्हा जन्म लियो रे भजन की गूंज शास्त्री नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन व्यासपीठ पर आसीन उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद की लाल की वाणी से पूरी तीर्थ नगरी में पहुंची और शहर के प्रत्येक इलाके से श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे
  देवप्रयाग निवासी भास्कर आशीष ध्यानी के निजी आवास पर चल रही भागवत कथा में जगह की कमी होने से आसपास के आंगन छात्रों एवं सड़क से ही लोक कथा का आनंद ले रहे हैं प्रवचन करते हुए डॉक्टर घिल्डियाल ने जड़ भरत की कथा सुनाकर भक्तों भवसागर में फंसे मनुष्य की दशा का मार्मिक वर्णन किया छोड़कर सारे बंधन जगत के प्रति प्रभु से लगाए हुए हैं और गजेंद्र मोक्ष की कथा में आज मुरारी देर तुमको इतनी कैसे हो गई भजनों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया भगवान के वामन अवतार की कथा में उन्होंने दान की महिमा तथा मत्स्य अवतार की कथा में श्रेष्ठ के प्रलय होने की दशा का वर्णन किया
    भगवान एवं भक्त प्रहलाद की कथा सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि पूरे समाज की बुनियाद महिलाओं पर टिकी है पिता हिरण्यकश्यप राक्षस होते हुए भी माता भगवान की भक्त थी तो संस्कारों की वजह से प्रह्लाद परम भक्त  हुए इसलिए भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना है तो हमें बालिका शिक्षा पर जोर देना होगा पुत्रवती युवती जग सोई भगवत भक्त जास   पुत्र हुई को उद्धृत करते हुए उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का राष्ट्रीय आवाहन किया भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए डॉक्टर ने तमाम कारण गिनाए जिससे स्वयं भगवान को अजन्मा होते हुए भी अवतार ग्रहण करना पड़ा मार्मिक वर्णन से स्त्री पुरुष अपने आंसू नहीं रोक पाए अंत में जन्मे जग के कष्ट हरैया देखो मथुरा नगरी भजन के साथ कथा विराम हुई आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ मौके पर कृपा राम शास्त्री सूर्यप्रकाश कृष्णा नौटियाल भास्कर ध्यानी संध्या ध्यानी अशोक ध्यानी पृथ्वीराज ध्यानी सुरेश गौरव वीरेश अतुल निधि दीक्षा आदि उपस्थित थे।

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