अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के दौरे पर आई नीति आयोग की टीम ने संस्थान की प्रगति की समीक्षा की। आयोग की टीम केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रथम चरण के कार्यों की समीक्षा के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंची थी।                                                 नीति आयोग के सदस्य एवं टीम के प्रमुख प्रोफेसर वीके पॉल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने विभिन्न मापदंडों पर एम्स ऋषिकेश की प्रगति का आंकलन किया। इस दौरान टीम ने रोगियों का परीक्षण, उपचार, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में एम्स ऋषिकेश द्वारा किए गए कार्यों को जाना और प्रगति से रूबरू हुई।                                                                                                                      इस दौरान डा पॉल और उनकी टीम ने एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों के दौरान संस्थान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। आयाेग की टीम ने संस्थान की ओर से अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने संस्थान द्वारा विद्यार्थियों के हित में चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम में किए गए विभिन्न परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मांग की कि भारत में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए एम्स ऋषिकेश में स्नातकोत्तर स्तर पर 300 अतिरिक्त सीटों के लिए स्वीकृति दी जानी चाहिए। समीक्षा बैठक में निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने क्वालिटी टीचिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि वृहद जनहित व संस्थान की विशिष्ट पहचान बनाने के लिए चिकित्सा शिक्षा को नए तरीके से पढ़ाया जाए। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने समुचित एम्स परियोजना को धरातल पर उतारने व तेजी से प्रगति के लिए पर्याप्त बजट की मांग की। डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने एम्स संस्थान की विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और बुनियादी आवश्यकताएं भी बताई। नीति आयोग की तीन सदस्यीय टीम में प्रो. वीके पॉल के अलावा जोधपुर एम्स के प्रेसिडेंट प्रो. सुरेश शर्मा व नीति आयोग के ओएसडी कर्नल कार्तिकेय शामिल थे। इस अवसर पर संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डा. ब्रह्मप्रकाश, डीन एलुमिनाई प्रो. बीना रवि, डीन नर्सिंग प्रो. सुरेश कुमार शर्मा, प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, प्रो. सोमप्रकाश बासू, प्रो.श्रीपर्णा बासू, प्रो. प्रतिमा गुप्ता,प्रो. किम मेमन, प्रो. वर्तिका सक्सेना, प्रो. सुधीर सक्सेना आदि मौजूद थे।

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