ऋषिकेश 14 दिसंबर। 17 दिसंबर से देहरादून में आयोजित होने वाले पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान देश भर से आए हुए सभी अतिथियों का ऋषिकेश में गंगा आरती के साथ-साथ दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण प्रस्तावित है। इस संबंध में आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बैराज स्थित अपने कैंप कार्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित उच्च अधिकारियों के संग एक बैठक आहूत की।साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ त्रिवेणी घाट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए मौके पर स्थलीय निरीक्षण भी किया।

बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 19 दिसंबर को सम्मेलन में प्रतिभाग करने वाले सभी अतिथियों को ऋषिकेश में गंगा आरती, योग प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या आदि में  प्रतिभाग कराया जाना प्रस्तावित है।साथ ही सभी अतिथियों का उस रात्रि भोज का आयोजन भी ऋषिकेश में ही किया जाना है।श्री अग्रवाल ने कहा कि 20 दिसंबर को कई अतिथियों द्वारा ऋषिकेश में पोस्ट कॉन्फ्रेंस भ्रमण भी किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि  इन सभी कार्यक्रमों के दौरान अथितियों की उचित सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य इंतजाम किए जाने जरूरी है। अग्रवाल ने अधिकारियों से अतिथियों के ऋषिकेश में प्रवेश करने एवं विभिन्न गतिविधियों में प्रतिभाग करने के लिए रूट मैप पर भी चर्चा की।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रूट मैप इस प्रकार होना चाहिए कि अतिथियों को ट्रैफिक का सामना ना करना पड़े एवं किसी भी प्रकार से यातायात में व्यवधान न हो। अग्रवाल ने  स्थानीय जनता को बाधा उत्पन्न ना हो इसका पूर्ण रुप से ध्यान रखने की भी बात कही। श्री अग्रवाल ने नगर निगम  के अधिकारियों से स्वच्छता  का विशेष ध्यान रखने की बात कही।श्री अग्रवाल ने आयोजन स्थल त्रिवेणी घाट पर लाइट, बिजली, पानी, पार्किंग आदि की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश  दिए।श्री अग्रवाल ने सभी अधिकारियों से उत्तराखंड की अतिथि देवो भव: की परंपराओं का निर्वहन करने की बात कही।

इस दौरान श्री अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर पहुंचकर गंगा आरती एवं अन्य गतिविधियों की तैयारी के लिए अधिकारियों से चर्चा वार्ता की।साथ ही गंगा महासभा के पदाधिकारियों से गंगा आरती के दौरान अतिथियों बैठने की व्यवस्था को लेकर चर्चा की।अवगत करा दें कि देश भर से आए हुए सभी अतिथियों के रात्रि भोज का आयोजन भी पतितपावनी मॉ गंगा के तट पर त्रिवेणी घाट पर ही किया जाना है।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस बीच पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि  सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा की जाएगी।श्री अग्रवाल ने बताया कि अभी तक राज्यसभा के उपसभापति, 21 राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों, 5 राज्यों के विधान परिषद के सभापति, 27 राज्यों के विधानसभा उपाध्यक्ष, 2 राज्यों के विधान परिषद के उपसभापति एवं 25 राज्यों के विधानसभा सचिवों की सम्मेलन में प्रतिभाग करने की सहमति प्राप्त हो चुकी है। अग्रवाल ने बताया कि कई राज्यों में विधानसभा सत्र चलने एवं चुनाव होने के कारण  वहाँ के विधानसभा अध्यक्षों द्वारा  सम्मेलन में उपस्थित होने की असहमति दी गई है।उन्होंने बताया की  सभी राज्यों के विधान सभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति एवं उपसभापति के साथ उत्तराखंड विधानसभा के एक-एक समन्वयक अधिकारी की ड्यूटी लगा दी गई है। विधानसभा भवन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है साथ ही एक कंट्रोल रूम आयोजन स्थल रीजेंटा होटल में भी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 17 दिसंबर को सभी राज्यों के विधानसभाओं के सचिवों का सम्मेलन आयोजित होगा, 18 दिसंबर को पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन होगा इस दौरान उत्तराखंड राज्य के राज्यपाल महोदय, मुख्यमंत्री जी, मंत्री गण एवं समस्त विधायक गण मौजूद रहेंगे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून रविशंकर, एमडीडीए के वीसी आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण परमेन्द्र डोभाल, सचिव एमडीडीए  सेमवाल जी,उपजिलाधिकारी प्रेम लाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल डी पी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई डी के सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भारद्वाज जी, तहसीलदार रेखा आर्य ,नगर निगम नरेंद्र सिंह, कोतवाल ऋषिकेश रितेश शाह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कैलखुरा जी, सिंचाई विभाग के एसडीओ अनुभव नौटियाल सहित कई अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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