ऋषिकेश,9 दिसम्बर।  राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल में संस्कृत प्रवक्ता आचार्य चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा है की श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय संस्कृति की आत्मा है जिस घर में गीता की पुस्तक ना हो उस घर के लोगों को भारतीय होने का अधिकार नहीं है इसलिए घर घर में श्रीमद्भागवत गीता अवश्य होनी चाहिए क्योंकि यह भारतीय संस्कृति की प्राण  है
   विगत दिवस सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास में आयोजित श्रीमद भगवत गीता जयंती समारोह में आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यालय के छात्र छात्राओं को गीता की पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह सहित प्रशस्ति पत्र देते हुए डॉक्टर घिल्डियाल ने कहा कि विद्यालयों में गीता के ज्ञान का प्रचार और प्रसार होने से तमाम बढ़ रही कुरीतियों और कुसंस्कार ओं को मिटाने में तथा युवा वर्ग का रुझान जो व्यसनों की तरफ हो रहा है उसे रोकने में बहुत बड़ी मदद मिल सकती है इसलिए इस प्रकार के कार्यक्रम भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के लिए मर्यादा के रूप भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों से जीवन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आवश्यक है उन्होंने कहा कि गीता को पढ़कर जहां सुभाष चंद्र बोस ने क्रांति ढूंढी वही महात्मा गांधी ने सत्य एवं अहिंसा ढूंढी गीता में जीवन के सभी प्रश्नों का जवाब मिल जाता है आवश्यकता है उस पर चिंतन और मनन करने की
    इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ  घिल्डियाल ने बच्चों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने वाले संजय ध्यानी एवं राजेंद्र प्रसाद सेमवाल को भी प्रशस्ति पत्र दिया मौके पर सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं मोनिका रुचि ट्विंकल प्रियंका सौरभ गौरव सहित शिक्षकों में लता अरोड़ा सुरुचि कोटनाला बद्री सती श्यामसुंदर रियाल दिवाकर नैथानी सुशील सैनी सरोज लोचन आदि उपस्थित थे।

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