ऋषिकेश, 17 दिसम्बर,(AKA)। देशभर के विधानसभा  अध्यक्षों का देवभूमि में हो रहे पहली बार सम्मेलन के दौरान आने वाले अतिथियों का देव भूमि में बिना फूल माला ,बिना गुलदस्ते के होगा स्वागत  दिनेश स्वागत के दौरान  उत्तराखंडी मफलर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा  दिया जाएगा, खाने में नॉनवेज की जगह उत्तराखंडी व्यंजन परोसे जाएंगे। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मंगलवार को ऋषिकेश स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान देते हुए बताया कि पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन मे उनके द्वारा सभी पीठासीन अधिकारियों का स्वागत गुलदस्ते के स्थान पर उन्हें हमारे उत्तराखण्ड के बुनकरों द्वारा तैयार किये गये मफलर भेंट कर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान हमारा यह भी प्रयास होगा, कि उत्तराखण्ड के पारम्परिक व्यंजन मेहमानों को परोसे जायेंगे। जिसमें सभी व्यंजन वेज  रहेंगे। अग्रवाल ने बताया कि
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आये सभी मेहमानों को उत्तराण्ड के निर्माण से अब तक हुई विकास यात्रा एवं विभिन्न प्रमुख दृष्यो से बनी एक डाॅक्यूमेन्ट्री के माध्यम से अवगत कराया जायेगा। इसी के साथ अन्य राज्यों से आये सभी मेहमानों को उत्तराखण्ड के विभिन्न पारम्परिक उत्पादो हथकरघा हो, रिंगाल से बनी टोकरियां, पहाड़ी दलें, मसाले, जड़ी बूटियां, बुरांश का जूस इत्यादि के 15 से 20 स्टाल लगाये जायेंगे। उद्घाटन सत्र में आये सभी मेहमानों के स्वागत में छोलिया नृत्य की प्रस्तुति सांस्कृतिक दल द्वारा दी जायेगी।अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों का सम्मेलन आज से प्रारम्भ होने जा रहा है। इस सम्मेलन में अभी तक  अध्यक्ष लोक सभा एवं राज्य सभा के  उप सभापति के अतिरिक्त 17 विधान सभा अध्यक्ष, 12 उपाध्यक्ष, पाँच सभापति एवं 01 उप सभापति विधान परिषद सहित 21 सचिव प्रतिभाग करेंगे। 18 दिसम्बर,  को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन का उद्घाटन प्रातः 09.30 बजे  अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे जिसमें  सभापति भी उपस्थित रहेंगे , इस दौरान सर्वप्रथम उत्तराखण्ड विधान सभा द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन  अध्यक्ष लोक सभा द्वारा किया जायेगा। जिसमें प्रातः 10.00 बजे से दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का उद्घाटन होगा। तत्पश्चात वह स्वयं  अतिथियों का स्वागत करेंगे । सम्मेलन के सभापति एवं  अध्यक्ष लोक सभा द्वारा उद्घाटन सम्बोधन होगा। तद्ोपरान्त मा0 उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड विधान सभा धन्यवाद सम्बोधन दिया जायेगा। प्रातः 11.00 बजे से सम्मेलन की कार्यसूचि के बिन्दुओं पर चर्चा प्रारम्भ होगी। कार्यसूची के मुख्यतः दो बिन्दुओं पर इस सम्मेलन में चर्चा होगी जिसमें सर्वप्रथम संविधान की 10 अनुसूचि एवं अध्यक्ष की भूमिका: संविधान की दसवी अनुसूचि में दल परिवर्तन के आधार पर संसद अथवा राज्य विधान मण्डलों के सदस्यों को अयोग्य ठहराने के बारे में किये गये उपबन्धो पर विस्तार से चर्चा होगी। शून्यकाल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुधरीकरण एवं क्षमता निर्माण। 
सांय 05.00 बजे प्रथम दिवस की कार्यवाही का समापन होगा। सांयकाल 07.00 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें उत्तराखण्ड के विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जायेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 19 दिसम्बर,  को गत दिवस के बिन्दुओं पर जारी चर्चा को प्रातः 09.30 बजे से पुनः प्रारम्भ किया जायेगा। जो कि भोजनावकाश तक जारी रहेगी ।भोजनावकाश के उपरान्त चर्चा का समापन होगा। समापन सत्र में  राज्यपाल उत्तराखण्ड द्वारा सम्बोधन किया जायेगा।  अध्यक्ष लोकसभा द्वारा अपराहन 03.00 बजे प्रेस वार्ता की जायेगी। तत्पश्चात सभी मेहमान ऋषिकेश के लिये प्रस्थान करेंगे। उन्होंने बताया कि डोईवाला में सभी मेहमानों का आर्शीवाद वाटिका में सूक्ष्म जलपान होगा।
तथा उसके बाद ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर सांयकालीन गंगा आरती एवं भजन संध्या का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है, साथ ही आतिथियों को ऋषिकेश में स्थानीय प्रसिद्व दर्शनीय स्थलों एवं भरत मन्दिर के भी दर्शन कराया जायेगा।

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