ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में नारी शक्ति को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रकाश भारती विद्यालय की शिक्षिकाओं और कम्प्यूटर शिक्षिकाओं ने सहभाग किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करें। .परमार्थ निकेतन द्वारा ऋषिकेश और आस-पास के क्षेत्रों में सेन्टर चलाए जा रहे हैं। जिसमें अल्प शिक्षित बालिकाओं और महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कम्प्यूटर आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर उन्हें परमार्थ निकेतन में शौचालय निर्माण, स्वच्छता प्रबंधन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि परिवार को सशक्त बनाने के लिये महिलाओं का शिक्षित और स्वस्थ होना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए स्वरोजगार से जोड़ना अतिआवश्यक है। महात्मा गांधी ने कहा था कि जब नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार शिक्षित होते है। वर्तमान समय में हमारी बेटियों ने शिक्षा, खेल, अंतरिक्ष, अनुसंधान, सैन्य आदि सभी में अपना एक विशेष स्थान बनाया है।

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