श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आयोजकों को करनी पड़ रही अतिरिक्त व्यवस्था

 ऋषिकेश, 30 दिसम्बर।   काले की ढाल शास्त्री नगर में पितरों के मोक्ष एवं राष्ट्रीय कल्याण अर्थ चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आज बताओ कि इतनी भीड़ हो गई कि आयोजकों को अतिरिक्त व्यवस्थाएं जुटाने पड़ी इसके बावजूद लोग आसपास की छतों पर बैठकर संगीतमय भागवत कथा का आनंद लेते रहे कथा व्यास उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद सती भस्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब जब स्त्री समाज में पति की आज्ञा का उल्लंघन करने को उद्यत हुई तब तक पूरे समाज को उसकी कीमत चुकानी पड़ी  पति एवर सदा गति की व्याख्या करते हुए उन्होंने भगवान शिव के द्वारा मना करने के बावजूद सती के दक्ष यज्ञ में जाकर अग्निकुंड में भस्म होने की कथा का संगीत में वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया कथा व्यास ने कहा कि प्राचीन भारतीय मेडिकल साइंस कितना उन्नत था कि दक्ष प्रजापति का शिव गणों द्वारा गला काट दिए जाने के बावजूद शंकर भगवान की प्रसन्नता के बाद उन्हें उन्हें बकरे का सिर लगा दिया गया विज्ञान और वेदांत का समन्वयक होने से ही भारत विश्व गुरु की पदवी पर था
  भागवत कथा मर्मज्ञ डॉ घिल्डियाल ने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि बालक की दशा के बजाय उसके दिशा पर विचार करें यदि दिशा सुधर गई तो दशा अपने आप सुधर जाए और उसके लिए प्रथम गुरु माता है जिस की सबसे बड़ी भूमिका बालक के निर्माण में है ज्योतिष रत्न ने भागवत शास्त्र में तथा अन्य पुराणों में ग्रहों की भी खूब विवेचना की ज्ञान एवं संगीत के समन्वय से चल रही इस अद्भुत कथा में दूर-दूर से श्रद्धालु सुनने के लिए पहुंच रहे हैं संगीत पर आचार्य कृष्णा नौटियाल सूर्य प्रकाश गौड़ रामकृष्ण पोखरियाल भास्कर ध्यानी संध्या ध्यानी गौरव ध्यानी अशोक ध्यानी पृथ्वीराज ध्यानी वीरेश ध्यानी अतुल ध्यानी निधि दीक्षा आदि उपस्थित थे।

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