देहरादून। उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले सरकारी अस्पतालों में नए साल से इलाज  महंगा हो जाएगा. रजिस्ट्रेशन से लेकर भर्ती शुल्क और तमाम जांच के लिए मरीज को दस फीसदी अधिक दाम चुकाने पड़ेंगे, जिससे मरीजों को खासी दिक्कत होगी। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले दून अस्पताल में इनमें फिलहाल कोई इजाफा नहीं होगा। शहर के जिला अस्पताल (पंडित दीनदयाल उपाध्याय-कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल) की बात करें तो ओपीडी में जांच कराने के लिए रजिस्ट्रेशन का पर्चा 17 रुपये के बजाय अब 25 रुपये में बनेगा। इसी तरह मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए 518 और एक्स रे के लिए लगभग 200 रुपए की रकम चुकानी पड़ेगी। वर्ष 2015 से मेडिकल कॉलेज अस्पताल की चिकित्सा दरों में इजाफा नहीं हुआ है, ऐसे में यहां इलाज अपेक्षाकृत सस्ता हो जाने से न सिर्फ मरीजों का दबाव बढ़ जाएगा, बल्कि इसका असर सीमित संसाधनों पर भी पड़ेगा। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी एक जनवरी से अस्पताल में पर्चा बनाने से लेकर विभिन्न जांचों, वार्ड में भर्ती करने और इलाज आदि की दर में फीसदी बढ़ जाएगी। साथ ही विभिन्न संयुक्त, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी रजिस्ट्रेशन से लेकर भर्ती कराने और अन्य विभिन्न जांचों का खर्च दस फीसदी बढ़ जाएगा।

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