ऋषिकेश,23नवंबर। गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस को याद करे और सिख पंथ का सम्मान करें नरेन्द्र खुराना सेल्यूट तिरँगा सोशल मीडिया प्रभारी  उत्तराखंड प्रदेश  ने  बताया कि सभी जगह हर कार्यक्रम मनाया जाता है लेकिन कुछ ही व्यक्ति ये बलिदानी को याद रख पाते है  व सोशल मीडिया में  भी अनेको कार्यक्रम की बधाई देते है मगर जिन्होंने  देश के लिए बलिदान दिया उन्हें भूल गए , यह सिखों के नवें गुरु थे , जो प्रथम गुरुनानक देव जी द्वारा  बताये मार्ग पर चलते रहे,उन्होंने कश्मीरी पंडितों व हिन्दूओ को जबरन मुसलमान बनाने पर तुले थे, उनका विरोध किया !  नरेन्द्र खुराना जी ने  अपने  विचार रखते हुए बताया कि औरंगजेब ने  जब उन्हें इस्लाम कबूल करने के लिए कहा तो उनका कथन था ,"सर कटा सकते है पर केश नही"फिर गुरु तेगबहादुर जी का सर काट दिया गया,गुरुद्वारा शीशगंज  साहिब दिल्ली में चाँदनी चौक पर व गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब उन स्थानों का स्मरण कराते है जहाँ उनकी हत्या की गई,तथा जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया !सभी से ये आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बलिदानी को भूलना नही चाहिए एवं उन पवित्र स्थलों पर जाकर व अपने बच्चों को भी उनका इतिहास बताना चाहिए ! व अपने बच्चों में भी बलिदान की भावना व ईमानदारी ,उद्यमिता,  सहनशीलता  ,देशनिष्टा गलत के प्रति आवाज उठाने जैसे गुणों को विद्यमान करना चाहिए ,आज  बढ़ी विडम्बना का विषय है आज के बच्चे जो कल का भविष्य है वह अपनी संस्कृति को खो रहे है,उनको भी कल के लिए हर तरीके से तैयार करना होगा ,व सभी माता पिता से आग्रह किया अपने  बच्चों को दिलेर व संस्कारवान  बनाये ! सोशल मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना सैल्यूट तिरँगा उत्तराखंड प्रदेश

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