ऋषिकेश-तीर्थ नगरी की सेहत को  निगम प्रशासन संजीदा नजर आ रहा है। शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए निगम की और से नई नई तकनीकों का सहारा भी लिया जा रहा है।
मंगलवार की दोपहर महापौर अनीता मंमगाई ने निगम अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की बैठक में कूड़े के निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।इस दौरान खासतौर से बैठक के लिए आमंत्रित कोरिया से आये दल ने भी  उपस्थिति के समक्ष कूड़े के निस्तारण की नवीनतम तकनीक और उनसे आये सुखद परिणामों की जानकारी सांझा की।
नगर निगम के स्वर्ण जयंती सभागार में बैठक लेते हुए मेयर अनीता मंमगाई ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कोरिया से आए दल की से महत्वपूर्ण सुझाव दिए गये हैं। निगम की टीमें भी उनके साथ नगर निगम के तमाम क्षेत्रों  में जाकर लोगों से गीला और सूखा कूड़ा अलग अलग करने की अपील कर रही  हैं। उन्होंने कहा उन्होंने कहा कि नगर निगम बेस्ट मॉडल तैयार कर छोटे-छोटे प्लांट के माध्यम से कूड़े उपयोग खाद बनाने में करेगा।कहा कि, सीमा क्षेत्र बढ़ेगा तो कूड़ा भी बढ़ेगा, ऐसे में शहर के सेहत की चिता करना स्वाभाविक है। इसे लेकर नगर निगम ने सरकार से कूड़ा निस्तारण का बेहतर प्रबंधन करने के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की मांग की है।उन्होंने कहा कि नगर निगम के पास कोई मुफीद डंपिग स्थल नहीं है।जबकि रोजाना  विभिन्न क्षेत्रों से हजारों मैट्रिक टन कूड़ा एकत्र किया जाता है।ऐसे में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगवाया जाना आवश्यक है।विश्वास जताया कि इस दिशा में जमीनी धरातल पर जल्द ही निगम की कोशिशें परवान चड़ेगी और नगर निगम की सबसे प्रमुख समस्या का स्थाई समाधान संभव हो पायेगा।बैठक में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल,के मेहता, रवि पांडेय, दिग्विजय केरकर, सचिन रावत,प्रशांत कुकरेती ,संतोष गुसाई आदि प्रमुख रूप से मोजूद रहे।

Post A Comment: