देहरादून। समाज कल्याण विभाग प्रदेश में ओबीसी सर्टिफिकेट नवीनीकरण नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। जिसको लेकर शासन स्तर पर काम जारी है। लंबे समय से अन्य प्रमाण पत्रों की तरह ओबीसी प्रमाण पत्र के नवीनीकरण में 3 साल की बाध्यता हटाने की मांग हो रही है। जिसको लेकर शासन स्तर पर विचार- विमर्श कर बाधा हटाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अभी शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। उत्तराखंड में ओबीसी प्रमाण पत्र के नवीनीकरण में 3 साल की बाध्यता हटाने को लेकर लंबे समय से ओबीसी वर्ग से जुड़े संगठनों द्वारा मांग की जा रही है, जिसको लेकर अब शासन स्तर पर भी कसरत शुरू हो चुकी है। सरकारी छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने और सरकारी नौकरियों में आवेदन करते समय आने वाली समस्याओं के चलते यह मांग उठती आई है। जिसको लेकर अब शासन बीच का रास्ता निकालने की जुगत में जुटा है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ओबीसी प्रमाण पत्र की 3 साल की बाध्यता समाप्त करने को लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। लेकिन क्रीमीलेयर की लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि समय के साथ क्रीमीलेयर के स्टेटस में अंतर आने की संभावना होती है। लेकिन साथ-साथ हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि कोई लाभार्थी वंचित न रहे, इस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द इसमें कोई बीच का हल निकाला जायेगा।

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