ऋषिकेश,0 8 नवम्बर (आदित्य)। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा की गई देश में नोटबंदी की तीसरी बरसी  पर हमला बोलते हुए कहा कि नोट बंदी के कारण  देश का युवा जहां बेरोजगार हो गया है ,वहीं देश मंदी के  दौर से गुजर रहा है।  शुक्रवार को यह विचार कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने देहरादून रोड पर स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त करते हैं कहा कि
 जनता द्वारा चुनी गई सरकार के मुखिया  नरेंद्र मोदी  ने रात को  एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए 500 और 1000 रुपए के नोट चलन से बाहर करके देश को सकते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के इस तुगलकी फरमान के बाद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों ने अनेक परेशानियां झेली हैं। बैंकों से अपना पैसा निकालने तथा अपने पास की नकदी को बैंकों में जमा करने के लिए गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सुबह से शाम तक बैंक के सामने कतार लगाकर के खडा रहना पड़ा था। इस डेढ़ से दो महीने के अंतराल में पूरे देश में कतार में खड़े लोगों में से 150 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उनका कहना था कि नोटबंदी लागू करते हुए हमारे प्रधानमंत्री  और वित्त मंत्री  ने कहा था ,कि नोट बंदी से काला धन वापस आएगा, नकली मुद्रा चलन से बाहर हो जाएगी तथा आतंकवादियों की कमर टूट जाएगी, आतंकवाद पर लगाम लगेगी। लेकिन 3 साल गुजर जाने के बाद भी देश में नोटबंदी के बाद काले धन के रूप में एक रुपए भी कहीं से वापस नहीं आया।सरकार   आतंकवादी घटनाओं पर रोक लगाने में  पूरी तरह से नाकाम रही है। उन्होने कहा  कि मोदी  ने पूरे देश की भावना के विपरीत नोटबंदी जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लागू की थी, भारत सरकार उस उद्देश्य की प्राप्ति में 1% भी सफल नहीं हो पाई। बल्कि नोटबन्दी के कारण देश मे आर्थिक मंदी का जो दौर शुरू हुआ, उस वजह से आज देश मे बेरोजगारी चरम पर है। छोटे व्यापारियों का व्यापार चौपट हो गया है। महंगाई बेकाबू हो गई है । नोटबंदी के तुरंत बाद तत्काल पूर्व प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह  ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बिना सोचे समझे भारत सरकार का नोटबंदी का फैसला देश की अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य में अत्यंत नुकसानदेह साबित होगा।आज नोटबंदी के दूरगामी नकारात्मक परिणाम  भारत की अर्थव्यवस्था पर पूरी तरह से दिखाई दे रहे हैं। नोटबंदी के बाद से देश के कृषि क्षेत्र, रियल एस्टेट क्षेत्र व औद्योगिक क्षेत्र में भारी गिरावट आने के कारण कृषि क्षेत्र के मजदूर बेरोजगार हो गए। रियल स्टेट क्षेत्र के मजदूर बेरोजगार हो गए। औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों की लगातार छटनी हो रही है।



हम कह सकते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था को डावाडोल करने और देश में बेरोजगारी बढ़ाने में नोटबंदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज नोटबंदी की तीसरी बरसी पर ईस दिन को काले दिन के रूप में मनाने के आह्वान के साथ ही हम भारत सरकार द्वारा नोटबंदी करने के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। हम भारत सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं कि भविष्य में अब वह नोटबंदी और जीएसटी जैसे नासमझी भरे फैसले लेने से बाज आये। मोदी  के आनन फानन में लिए गए नोटबन्दी के गलत फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई करना अब संभव नहीं हो पा रहा है। प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री जयपाल जाटव,एआईसीसी सदस्य जयेन्द्र रमोला,नगर कांग्रेस अध्यक्ष मं० विनय सारस्वत,का० नगर अध्यक्ष शिवमोहन मिश्र,पार्षद राकेश सिंह,अक्षत गोयल मौजूद थे ।

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