अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान एम्स ऋषिकेश की ओर से टिहरी विस्‍थापित पशुलोक व सर्वहारानगर क्षेत्र में स्तन कैंसर परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया,जिसमें 79 महिलाओं की जांच की गई। शिविर में महिलाओं को स्तन कैंसर को लेकर जागरुकता किया गया।                                           इंटिग्रेटेड ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक (आईबीसीसी) एम्स ऋषिकेश, मैना फाउंडेशन व नेशनल हेल्‍थ मिशन, उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महिला जनजागरुकता शिविर के तहत विभिन्न स्‍थानों पर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच की गई, साथ ही उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की स्वयं जांच करने के तौर तरीके बताए गए।                                                                                                                                                                                                  संस्‍थान की ओर से चलाई जा रही स्तन कैंसर जनजागरुकता मुहिम के बाबत एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि महिलाओं में स्वास्‍थ्य के प्रति जागरुकता की कमी से ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में स्‍थापित की गई स्पेशल  इंटिग्रेटेड ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक एक ऐसी आधुनिक क्लिनिक है, जहां पर एक ही छत के नीचे महिलाओं के लिए सभी तरह के परीक्षण अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी, एमआरआई आदि की सुविधा उपलब्‍ध है, जिससे उन्हें परीक्षण में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।                                                                                         एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि परीक्षण के उपरांत क्लिनिक में महिलाओं में स्तन कैंसर का उपचार शुरू कर दिया जाता है, जिससे उनकी समस्या का त्वरित हो सके। उन्होंने बताया कि जागरुकता के अभाव में स्तन कैंसर से ग्रसित अधिकांश महिला रोगी अंतिम अवस्‍था में अस्पताल पहुंचती हैं। वह इस बीमारी के होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की बजाए विषय से अनविज्ञ सामान्‍य चिकित्सकों से इलाज कराती हैं। इलाज में अत्यधिक विलंब, सही जांच व उपचार के अभाव में उनकी समस्या बढ़ जाती है।                                                                                     निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने जोर दिया कि ऐसी स्थिति में जागरुकता से ही महिलाओं को स्तन कैंसर जैसी घातक बीमारियों से बचाया जा सकता है।                                                                                                                                                                                                                आईबीसीसी प्रमुख प्रोफेसर बीना रवि, सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेखा किशोर व मैना फाउंडेशन की अध्यक्ष अल्का श्रीखंडे की देखरेख में  टिहरी विस्‍थापित पशुलोक व सर्वहारानगर में आयोजित शिविर में 79 महिलाओं की ‌स्क्रीनिंग की गई व उन्हें रोग की स्वयं पहचान व जांच का परीक्षण देने के साथ ही ब्लड प्रेशर, ब्‍लड शुगर, मोटापा और स्तनों की जांच की गई। जिनमें से 12 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की आशंका के मद्देनजर उन्हें मैमोग्राफी के लिए आईबीसीसी एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया।                                                                                                                                                                      शिविर के आयोजन में डा. मीनाक्षी खापरे, डा. अनुषा शर्मा,डा. दीविता, डा. राधिका,कम्यूनिटी हेल्‍थ ऑफिसर निशा बिष्ट, एमएसडब्‍ल्यू अनुराधा राय आदि ने सहयोग किया।

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