अल्मोड़ा। देहरादून उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। जनपद में भी इस मामले को लेकर पत्रकारों में भारी रोष है। शनिवार को पत्रकारों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेज मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों पर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की।

शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी को लेकर हो रहे विरोध की आंच देहरादून के बाद अब धीरे—धीरे सभी जनपदों में पहुंचने लगी है। मामले को लेकर पत्रकार दिन में 2 बजे यहां कलक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए। जहां डीएम व अन्य उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति में पत्रकारों ने प्रशासनिक ​अधिकारी भूपेंद्र सिंह नयाल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल पर गलत व तथ्यहीन आधार पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। जनसरोकारों की पत्रकारिता करने वाले सेमवाल के उपर रंगदारी जैसे झूठे व संगीन आरोप की धाराएं लगाई गई है। सरकार व पुलिस के इस रवैये से प्रदेशभर के पत्रकार बेहद आहत है। पत्रकारों ने सच्चाई व जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकार सेमवाल के इस प्रकार उत्पीड़न को अन्यायपूर्ण करार दिया और कहा कि चौथे स्तंभ बनकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले व जनपक्षीय पत्रकारिता करने वाले को सरकार डराने की कोशिश कर रही है।

पत्रकारों ने राज्यपाल से पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को न्याय दिलाने के लिए प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच व राज्य सरकार को निर्देशित कर समुचित प्रयास करने की मांग की है। ज्ञापन में

, दीपक मनराल, एसएस कपकोटी, हर्षवर्द्धन पांडेय, गिरीश पंत, प्रमोद जोशी, हिमांशु लटवाल व जिपं सदस्य शिवराज बनौला आदि के हस्ताक्षर है।

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