ऋषिकेश -दयानंद आश्रम की एम फॉर सेवा का 20 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमचंद अग्रवाल ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज को याद करते हुए कहा कि वैश्विक फलक पर वेदांत और उपनिषदों का साढ़े पांच दशक तक प्रचार-प्रसार करने वाले स्वामी दयानंद का ब्रह्मलीन होना किसी गहरे आघात से कम नहीं था।

दयानंद आश्रम में एम फॉर सेवा के स्थापना दिवस में विभिन्न राज्यों के हजारों छात्रों ने भाग लिया।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य एवं लोक संगीत भी प्रस्तुत किए गए।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गरीब छात्रों को बेहतर शिक्षा एवं संस्कार उपलब्ध कराने के लिए ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज द्वारा एम फॉर सेवा का गठन किया गया, यह संस्था आज संपूर्ण देश में शिक्षा के क्षेत्र में दबे कुचले बच्चों को छात्रावास के माध्यम से योग्य विद्यार्थी बनाए जाने का निर्माण कर रही है, साथ ही इन छात्रावासों से निकलकर बच्चे अच्छे सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में उच्च पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि एम फॉर सेवा द्वारा संचालित छात्रावासों का प्रमुख  उद्देश्य भारतीय परंपरा संस्कृति एवं  संस्कार बच्चों को प्रदान करना है।उन्होंने ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज के द्वारा शुरू किए गए एम फॉर सेवा संस्था की सराहना करते हुए कहा कि वंचित निराश्रित एवं साधनहीनों को निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ चरित्र, व्यक्तित्व निर्माण, शुद्धता प्रमाणिकता का पाठ पढ़ाया जाना समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेश है।

सेवा की अध्यक्ष एवं मैनेजिंग ट्रस्टी शीला बाला ने कहा कि देश के 104 छात्रावास में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा एवं संस्कार देकर उन्हें बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 16 राज्यों में 20 लाख लोगों को विभिन्न योजनाओं से अपने पैरों पर खड़ा किया है।

इस अवसर पर स्वामी दयानंद आश्रम के अध्यक्ष स्वामी सुद्धानंद सरस्वती  महाराज, स्वामी साक्षात कृतआनंद, रवि मल्होत्रा, हंसानंद सरस्वती, गुणानंद रयाल, सुंदरेश सुब्रमण्यम, विपुल गुप्ता, आचार्य नवनीत, चेतन शर्मा, संजय शास्त्री, जयप्रकाश तिवारी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

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