ऋषिकेश, 22 नवंबर।    उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने ऑटो-विक्रम के नए परमिट जारी किए जाने पर आपत्ति जताई है। महासंघ ने वर्ष 2020 में मॉडल कंडीशन में बाहर हो रहे 550 ऑटो-विक्रम के बदले में इन्हें सीएनजी परमिट जारी करने की मांग की है।

शुक्रवार को उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने एआरटीओ डा. अनीता चमोला को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि संभागीय परिवहन प्राधिकरण देहरादून द्वारा प्रदूषण की समस्या को देखते हुए सीएनजी विक्रम-ऑटो के नए फ्री परमिट जारी करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में प्राधिकरण ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी परिवहन संगठनों से आपत्ति मांगी थी। जिस पर महासंघ ने ऋषिकेश क्षेत्र में नए परमिट जारी करने पर आपत्ति दर्ज करा दी है। कहा कि क्षेत्र में पहले से ही ऑटो-विक्रम की भरमार है। क्षेत्र में लगभग ढाई हजार ऑटो-विक्रम है, जो 25 किमी की परिधि में चलते हैं। इसके अलावा इन ऑटो-विक्रम का संचालन पर्वतीय क्षेत्रों में बैन है। ऐसे में यह ऑटो-विक्रम सिर्फ ऋषिकेश शहर से हरिद्वार तक चलते हैं। इनकी तादात ज्यादा होने की वजह से आए दिन शहर में जाम लगा रहता है। ऐसे भी ऋषिकेश काफी छोटा शहर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में मॉडल कंडीशन में 550 ऑटो-विक्रम बाहर होने वाले हैं। ऐसे में नए परमिट जारी करने की बजाए इन बाहर हो रहे ऑटो विक्रम की जगह नए सीएनजी परमिट इन्हें दे दिए जाएं, ताकि क्षेत्र में ऑटो विक्रम की संख्या ज्यूं की त्यूं रह जाएगी। आपत्ति जताने वालों में महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ध्यानी, ऑटो विक्रम यूनियन तपोवन के अध्यक्ष फेरु जगवानी, ऑटो विक्रम यूनियन ऋषिकेश के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, लक्ष्मणझूला यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोक भंडारी, देवभूमि ऑटो यूनियन ऋषिकेश के अध्यक्ष राजेंद्र लाम्बा, महासचिव द्वारिका प्रसाद, पुरषोत्तम भद्री, भूदेव गोस्वामी, ऋषिपाल कश्यप, प्रवीण नौटियाल, सचिन अग्रवाल, रामशीष राजभर आदि शामिल थे।

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