नीरज  क्लीनिक पर छापे की कार्रवाई में क्लीनिक के 2 निदेशकों को किया गिरफ्तार, मुख्य संचालक डॉक्टर हुआ फरार

छापे के दौरान बड़ी मात्रा में दवाइयां कंप्यूटर किए जब्त

ऋषिकेश,28नवम्बर (AKA) नगर के चर्चित  नीरज क्लिनिक  पर केंद्र व राज्य सरकार के   ड्रग्स विभाग द्वारा बुधवार  को मारे गए  छापे के  दौरान  की गई 15 घंटे की सख्त कार्रवाई  के बाद  जहां  क्लीनिक का स्वामी  डॉक्टर आर .के गुप्ता  छापा मारने आई टीम के अधिकारियों को धोखा देकर  भागने में सफल हो गया ,वहीं क्लीनिक के  2 निदेशकों को  ड्रग्स विभाग के अधिकारियों द्वारा  दी गई, कोतवाली पुलिस को  तहरीर के बाद गिरफ्तार कर लिया। छापे के दौरान बरामद की गई  भारी मात्रा में बिना लेवल की  दवाइयों के साथ   क्लीनिक के कंप्यूटर तथा अन्य दस्तावेज  टीम अपने साथ ले गई है । ज्ञात रहे कि  बुधवार की दोपहर  1:00 बजे हरिद्वार रोड स्थित नीरज क्लिनिक में औषधि नियंत्रक टीम के द्वारा  छापे की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी ।जो कि  रात्रि 3:00 बजे तक  जारी रही ,जिसके बाद क्लीनिक के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया गया है। नीरज क्लीनिक में यह कार्रवाई दिल्ली और देहरादून औषधि नियंत्रक अधिकारियों की टीम ने तहसीलदार के साथ छापे की कार्रवाई की थी। इस दौरान टीम में शामिल केंद्रीय औषधि नियंत्रक गाजियाबाद देवेंद्र नाथ पांडे, औषधि नियंत्रक व लाइसेंस अथॉरिटी गढ़वाल मंडल सुरेंद्र सिंह भंडारी,औषधि नियंत्रक देहरादून नीरज कुमार ने क्लीनिक से काफी मात्रा में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाएं बरामद की थी। यह सभी दवाइयां बिना लेबल के मिली थी। देर रात तक विभाग की टीम जांच में जुटी रही। गुरुवर की तडके करीब तीन बजे टीम ने नीरज क्लीनिक के निदेशक डॉक्टर वीके गुप्ता और पूर्व निदेशक श्रीनिवास रत्नाकर को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश ने बताया कि क्लीनिक का मुख्य स्वामी राजेश गुप्ता टीम को धोखा देकर भागने में सफल हो गया है जिसके ग्रुप छापामारी टीम के सदस्यों ने पुलिस में तहरीर दी है ।जिसके आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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