1 जनवरी को पूरे उत्तराखंड में सभी प्रकार के वाहनों का रहेगा चक्का जाम

ऋषिकेश,0नवम्बर( .AKA)।   संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति  तथा  उत्तराखंड महा संघ ने एनजीटी के सुझाव पर देहरादून संभाग में पर्यावरण कारणों से  वाहनों  की समय सीमा समय 10 साल सीमित किए जाने को लेकर  शुक्रवार को संयुक्त रोटेशन बस अड्डे पर स्थित एक होटल में आयोजित बैठक के दौरान अपना विरोध प्रकट करते हुए चरणबद्ध तरीके से  आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है ,मांगे ना माने जाने पर 1 जनवरी को चक्का जाम किया जाएगा।शुक्रवार को बस अड्डे पर स्थित एक होटल में  आयोजित  बैठक के दौरान कहा गया कि एनजीटी द्वारा देहरादून संभाग में पर्यावरण दूषित होने पर वाहनो की संचालन सीमा को 10 वर्ष तक सीमित करने पर परिवहन प्राधिकरण को पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता है। वक्ताओं ने कहा कि देहरादून संभाग में पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित होने वाली निजी बसों का संचालन 1500 किलोमीटर से 18 00 किलोमीटर प्रति महा होता है ।जिस पर मासिक  कर निर्धारण परिवहन विभाग द्वारा किया गया है ।यदि उस संचालन में चार धाम यात्रा का भी अतिरिक्त संचालन जौड़ते हैं ,तो प्रतिवर्ष वास्तविक संचालन लगभग 3000 किलोमीटर ही बनता है तथा 10 साल में इसका गुणा करते हैं ,तो कुल संचालन   तीन लाख किलोमीटर होता है ।। वक्ताओं का कहना था कि उत्तराखंड परिवहन निगम की सीमा में संचालित वाहनों की समय सीमा 8 साल या 1000000 किलोमीटर भी करें ।तब भी निजी बसों का संचालन 10 साल में परिवहन निगम की बसों से एक तिहाई हिस्से से कम ही होगा ।इन बसों द्वारा पर्यावरण को दूषित करने का आधार भी कोई नहीं है। परिवहन निगम द्वारा उपरोक्त अपने समय सीमा के अनुसार चलने पर पर्यावरण या अन्य कारणों से बचें हटा दी जाती है ।एनजीटी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के बाद 300000 किलोमीटर तक सीमित रखने का कार्य करेगा ।जैसा कि हमारी बसें मात्र 10 साल में 3000 ही चलती है15 साल में मात्र  400000 किलोमीटर ही कार्य करती हैं ।इसी प्रकार देहरादून संभाग में माल वाहन महीने में 15 दिन ही संचालित होते हैं ।और प्रतिदिन 200 किलोमीटर तथा प्रति माह 3000 किलोमीटर ही चलते हैं। साल भर में 36000 किलोमीटर एवं 10 साल में 360000 किलोमीटर ,माल वाहन महीने में पंजा दिल्ली संचालित होते है। और प्रतिदिन 200  तथा प्रतिमाह 3000 किलोमीटर के हिसाब  से ही चलते हैं ।  वहीं तीन पहिया वाहन तय सीमा के अंतर्गत परमिट जारी किए गए हैं ।वह भी अपनी  शर्तों के अनुसार कम ही चल पाते हैं। जिनसे किसी भी प्रकार का प्रदूषण प्रभावित नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि पर्वतीय क्षेत्रों में चलने वाले सभी वाहनों की समय सीमा पूर्व की तरह 15 वर्ष ही  निश्चित की जाये । सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन पर सरकारों द्वारा कुठाराघात किया गया। तो वह अपने वाहनों को खड़ा कर चक्का जाम करेंगे  । बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाए जाने पर भी सहमति बनी है । जिसके अंतर्गत पहलेे काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया जाएगा इसी के बीच एक प्रतिनिधिमंडल परिवहन मंत्री यशपाल आर्य नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हिरदेश  से मिलेगा 31 तारीीख को परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास जाएंगे तथा इसी दिन उत्तराखंड परिवहन  विभाग को  एक ज्ञापन दिया जाएगा उसके बाद 1 जनवरी को पूरे उत्तराखंड मेंं सभी वाहनों का चक्का जाम किया जाएगा।बैठक में  विक्रम टेंपो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ,ट्रक यूनियन के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा संजय शास्त्री,सुधीर राय, मनोज ध्यानी, दिनेश बहुगुणा, चंदन सिंह पवार, शूरवीर सिंह रावत, नवीन चन्द्र रमोला, भूपाल सिंह नेगी, अनील , चरन सिंह गड़िया, कुंवर सिंह तड़ियाल, विजेंद्र कंडारी, फेरु जगवानी, द्वारिका प्रसाद, जगविजय सिंह, राकेश कुमार, संजय चौहान, सुभाष चौहान, धुव्र सिंह बिष्ट सहित  तमाम वहां स्वामी मौजूद थे ।

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