देश में ट्राॅमा को विकसित करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश ने दुनिया के मॉडल ट्रामा सेंटर आर.एडम काउली सॉक ट्राॅमा सेंटर से करार किया है। इससे उत्तराखंड ही नहीं समीपवर्ती प्रदेशों के ट्रॉमा से जुड़े मरीजों को भी इसकी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।                               एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि आर. एडमकाउली सॉक ट्रॉमा सेंटर को दुनिया का पहला और सबसे बेहतर ट्रामा सेंटर माना जाता है। उन्होंने बताया कि बोल्टीमोर,अमेरिका स्थित इस सेंटर को अमेरिका में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया ​कि देश में बेहतर ट्रॉमा सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से संस्थान का दुनिया के मॉडल ट्रामा सेंटर के साथ एमओयू हुआ है।                         जिसके तहत एजुकेशन एक्सचेंज, टेक्नालॉजी,फैसेलिटी डेवलपमेंट, फैकल्टी स्टाफ एक्सचेंज, स्टूडेंट्स एक्सचेंज के क्षेत्र में परस्पर सहयोग व रिसर्च आदि विषयों पर चर्चा हुई है।                                                                                                                                                                                                             निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान की एक टीम पहले ही आर.एडम काउली सॉक ट्राॅमा सेंटर की विजिट कर चुकी है,जिसमें संस्थान के ट्राॅमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम,डा. मधुर उनियाल व नर्सिंग फैकल्टी डा. राजेश कुमार शामिल थे। उन्होंने बताया ​कि अमेरिका में रहने वाले प्रवासी भारतीय चिकित्सकों डा. मिलन व डा. मंजरी जोशी के सहयोग से दोनों संस्थानों का विस्तृत एमओयू तैयार किया गया। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि इस करार के बाद अब टेलीमेडिसिन प्रणाली के द्वारा अमेरिका स्थित सेंटर में संचालित कक्षाओं के जरिए संस्थान के ट्रॉमा व सर्जरी के विद्यार्थियों द्वारा नियमिततौर पर संवाद स्थापित किया जाएगा।                                                                                                              निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स ​ऋषिकेश नर्सिंग को ट्रॉमा का एक बड़ा स्तंभ मानता है,इसी क्रम में संस्थान नर्सिंग की ओर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने बताया कि दोनों संस्थानों के मध्य हुए इस करार में इन्फेक्शन कंट्रोल व एंटीबायोटिक के सही उपयोग के लिए रिसर्च करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है,लिहाजा रिसर्च पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि ट्राॅमा  सर्जरी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने हेतू वहां से एक्सपर्ट सर्जन भी नियमिततौर पर नियमिततौर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में मेडिकल विद्यार्थियों की ट्रेनिंग एवं सर्जरी, एडवांस सर्जरी आदि एडवांस सर्जिकल प्रोग्राम डेवलपमेंट के लिए संस्थान की विजिट करेंगे।                                                                                     एम्स के ट्रामा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम व डा. मधुर उनियाल ने बताया कि संस्थान की ओर से निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत व सेंटर की ओर से सॉक ट्रॉमा के निदेशक डा. थॉमर स्केलिया ने करार पर हस्ताक्षर किए।

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