न्यायालय के आदेश का पालन करवाया जाएगा- रेखा आर्य


ऋषिकेश, 12 अक्टूबर( AKA)। ग्रामीण पुनर्वास विभाग की लगभग 5 एकड़ भूमि पर भू माफियाओं द्वारा की  गई ,  अति कर्मितभूमि को प्रशासन द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने को लेकर कब्जेधारियों और प्रशासन के बीच शनिवार को टकराव की स्थिति पैदा हो गई। जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पुलिस का सहारा लेना पड़ा। उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि पुनर्वास विभाग द्वारा पशुलोक विभाग को दी गई थी।  जिसे  पुनर्वास विभाग ने टिहरी  विस्थापित 12 लोगों को आवंटित कर दिया था।  लेकिन आज स्थिति यह है कि उक्त भूमि पर मात्र दो  विस्थापित रह  गये है। बाकी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर बड़े-बड़े अपार्टमेंट खड़े कर दिए गए। जिसकी सूचना प्रशासन को मिलने के बाद प्रशासन ने उक्त भूमि को अपने कब्जे में लिये जाने की जब कार्रवाई प्रारंभ की। तो वहां रह रहे लोगों ने प्रशासन का जबरदस्त विरोध करना शुरू कर दिया। लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण भूमि को अपने कब्जे में लिये जाने की कार्रवाई के चलते घटनास्थल से भूमि पर कब्जा करवाने वाले बड़े बिल्डर गायब हो गए हैं ।जिसके चलते यहां रह रहे लगभग 50 से अधिक परिवारो में रोष व्याप्त है। नगर के एक बिल्डर ललित मोहन मिश्रा का कहना है कि पशुलोक विभाग द्वारा इस भूमि को अपना बताया जा रहा है वह उसके दस्तावेज दिखाने में पूरी तरह असफल है जिसके कारण यहां रह रहे लोगों में रोष उत्पन्न है। अब सभी लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटा एंगे। वहीं पशुपालन विभाग के परियोजना निदेशक राजेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि पशुपालन विभाग पुनर्वास  विभाग ने किस प्रकार यह भूमि आवंटित की है। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है । लेकिन वह न्यायालय के आदेश पर इस भूमि को अधिग्रहण कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के प्रभारी अधिकारी सुरेश वाजपेई ने बताया कि पशुपालन विभाग के 5 एकड़ भूमि पुनर्वास में अवैध रूप से टिहरी विस्थापितों को आवंटित कर दी थी. लेकिन माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित किया गया है कि पुनर्वास की अवैध भूमि को जो पशुपालन विभाग की थी को पुनर्वास से वापस ले ले इसी को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा पुनर्वास की भूमि को अधिकृत किया जा रहा है । मौके पर उपस्थित तहसीलदार रेखा आर्य ने कहा कि वह न्यायालय आदेश का अक्षर से पालन कार्य के लिए कटिबद्ध पशुपालन विभाग को कब्जा दिला कर रहेंगे।

Post A Comment: