एम्स ऋषिकेश में प्रशासनिक विभाग की ओर से नवनियुक्त संकाय सदस्यों व विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के लिए क्षमता वृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रशासनिक एवं वित्तीय विषयों से जुड़ी कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने, सामान्य प्रयोग में आने वाले विषयों पर व्याख्यानमाला प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर सामान्य प्रशासन द्वारा कार्मिकों को प्रशासनिक कार्यों से संबंधित सामान्य क्रिया कलापों, प्रशासनिक प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, अस्पताल प्रबंधन के गुर सिखाए गए।                                                                                                                                                                                                                                        इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कर्मचारियों को सिविल सेवा नियमावली (सीसीसी कंडक्ट रूल्स 1964) की विस्तृत जानकारी दी। जिसमें उन्होंने संकाय सदस्यों, अधिकारियों व कर्मचारियों को सिविल सेवा नियमावली का अध्ययन व उसका परिपालन करने पर जोर दिया।                                                                                                                                                                                                   निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि संस्थान में कार्य करने वाले सभी चिकित्सकीय व गैर चिकित्सकीय स्टाफ को बताया कि हम सभी भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित स्वायत्तशासी संस्थान एम्स में सीसीसी कंडक्ट रूल्स में निहित सभी नियमों का पालन करने को वाद्य हैं। उन्होंने बताया कि इन नियमों के तहत सभी कर्मचारियों को संस्थान के प्र​ति ईमानदार,कर्तव्यनिष्ठ होकर सत्यनिष्ठा से कार्य करना नितांत आवश्यक है,जिससे संस्थान द्वारा सुनिश्चित किए गए लक्ष्यों को पूर्ण किया जा सके।                                                                                     एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि  संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य संस्थान होने के नाते सीधेतौर पर समाज से जुड़ा है और उसके प्रति उत्तरदायी है। लिहाजा सभी संस्थान कर्मियों को अपने कर्तव्यों एवं रोजमर्रा के कार्यों में जनता से सामंजस्य बनाए रखने के लिए मृदुभाषी एवं व्यवहार कुशल व्यक्तित्व का होना अत्यंत आवश्यक है।                                                                                                                                  इसके अलावा वित्त विभाग द्वारा संस्थान के वित्तीय प्रबंधन प्रणाली, दैनिक वित्तीय लेनदेन एवं एकाउंटिंग से जुड़ी बारिकियों से संबंधित जानकारियां दी गई। जिसमें वित्तीय प्रबंधन के तहत संस्थान में वस्तुओं की खरीद एवं वित्तीय लेन देन के मामलों पर भी विस्तृत चर्चा की गई व इसके लिए सामान्य वित्तीय नियम-2017 का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही इन मामलों में भारत सरकार द्वारा तय नियमों का शब्दश:पालन करने को कहा गया। जिससे संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जरुरतों, चिकित्सा पूर्ति को नियमों के अंतर्गत बिन किसी वित्तीय अनियमितताओं के पूर्ण किया जा सके।                                                                                                                                                                   इस अवसर पर उपनिदेशक (प्रशासन) अंशुमन गुप्ता ने नोटिंग, ड्राफ्टिंग विषय पर व्याख्यान दिया और कर्मचारियों को नियमों व मानकों के तहत कार्य करने को कहा। प्रशासनिक विभाग की ओर से केंद्र सरकार की अवकाश नियमावली की विस्तृत जानकारी दी गई,जिसमें सभी तरह की छुट्टियों, उनके उपयोग के तौर तरीके बताए गए। इस अवसर पर एमएस डा. ब्रह्मप्रकाश, प्रो. लतिका मोहन,प्रो. सुरेखा किशोर,प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, कुलसचिव राजीव चौधरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, लेखा अधिकारी जितेंद्र शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी संतोष आदि मौजूद थे।

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