ऋषिकेश,  23 अक्टूबर (AKA)। भारत के  दानवीरों द्वारा  स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट को संतो के लिए दी गई भूमि पर रह कर  भजन कीर्तन करने वाले  संतो की  झोपड़ियों से ट्रस्ट द्वारा निकाले जा रहे साधु संतों को लेकर अन्य संतों में तीव्र रोष उत्पन्न हो गया है ,जिसे लेकर संत अपनी कंठी माला व  कमंडल त्याग कर आंदोलन करने के लिए विवश हो रहे हैं। अखिल भारतीय संत समिति ऋषिकेश के महामंत्री महंत प्रदीप दास ने कहा कि यदि स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट द्वारा दोस्तों पर इसी प्रकार अत्याचार किए गए तो तमाम संघ स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के विरुद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसे लेकर शीघ्र संतों की एक बैठक बुलाई जा रही है प्रदीप दास का कहना था , कि एक संत दुर्गानंदसरस्वती पिछले कई वर्षोंं से स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट की कुटिया नंबर 25 में रह कर  भजन कीर्तन कर रहे थे ।जिन्हें  स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के कर्मचारियों ने जबरन बाहर निकाल कर उनकी कुटिया  को किसी अन्य संतों को दे दिया है। उनका कहना था, कि संत दुर्गानंद सरस्वती को स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट  द्वारा भजन कीर्तन करने के लिए सिर्फ कुटिया की भूमि दी गई थी उक्त भूमि पर स्वामी दुर्गानंद के द्वारा अपनी धनराशि से एक कुटिया का निर्माण करवाया गया ,जिसने एक कमरा बैठक एवं शौचालय  बनवाया गया। स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के मैनेजर सहायक मैनेजर के द्वारा षड्यंत्र रच कर उनके खिलाफ अनर्गल आरोप लगाकर उनसे जबरन खाली करवाई गई ।स्वामी दुर्गानंद सरस्वती दर-दर भटकने के बाद कई बार स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के प्रबंधक से मिले और उन्होंने गुहार लगाई कि उनकी किसी प्रकार की कोई गलती नहीं है। उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनसे कुटिया छीन ली  गई।  और उन्हें वहां से खदेड़ कर भगा दिया । ट्रस्ट की कार्यवाही के विरुद्ध तमाम संतों में रोष देखा जा रहा है। जिसके खिलाफ  आंदोलन किया जाएगा ।

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