ऋषिकेश 1 अक्टूबर- पंचायत जनाधिकार मंच ने  73वें संविधान संशोधन के अनुसार पंचायतों को 29 विषयों पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष  का बिगुल फूंक दिया है।मंच से जुड़े सदस्यों ने आज गांधी स्तम्भ पर उपवास रखकर धरना दिया।
मंगलवार को मंच से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में एकत्र होकर त्रिवेणी घाट पहुंचे जहां प्रदेश सरकार पर पंचायत चुनाव को सरकारी मशीनरी से प्रभावित करने का आरोप लगाकर धरना दिया गया।
पंचायत जनाधिकार मंच के संस्थापक जोत सिंह बिष्ट ने  बताया कि हाई कोर्ट ने दो से अधिक बच्चों के माता पिता की कट ऑफ डेट 25 जुलाई 2019 निर्धारित कर प्रदेश के 12 जिलों में 62 हजार से ज्यादा लोगों को चुनाव लडऩे का अवसर दिया।
इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन वहां भी इस फैसले पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। वहीं क्षेत्र एवं जिला पंचायत सदस्यों के 3200 पदों पर नामांकन दाखिल कर चुके लोगों को न्याय नहीं दिलाने पर अफसोस जताया। बिष्ट ने कहा कि इस लड़ाई को सिर्फ न्यायालय तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। चुनाव होने के बाद पुराने और नए पंचायत प्रतिनिधियों को जोड़कर अभियान छेड़ा जाएगा।धरना देने वालों में,जयेन्द्र रमोला,म०विनय सारस्वत,शिवमोहन मिश्र,माधव अग्रवाल,जय सिंह रावत,जयपाल जाटव,मदन मोहन शर्मा,विमला रावत ,मधु जोशी,वेद प्रकाश शर्मा,दिनेश व्यास,राजकुमार अग्रवाल,राकेश मिंया,आदेश तोमर,ओम  सिंह पंवार,सरोजिनी थपलियाल,राजेन्द्र राणा,जगजीत सिंह,अरविन्द जैन,चन्द्रकान्ता जोशी,नन्द किशोर जाटव,देव पोखरियाल,रामकुमार भतालिये,चन्दन सिंह पंवार,एस एन डोभाल,मानवेन्द्र भण्डारी,प्रवीन उनियाल,चौधरी किरत सिंह,मोहित चौधरी,रजनीश चौधरी,वरूण चौधरी,मनोज चौधरी,पुरंजय राजभर,राजू गुप्ता,रोशनी देवी,दिनेश सकलानी,बलवन्त सिंह चौहान,संतोष पैन्यूली,सोहनलाल रतूड़ी,दिनेश पंवार,सतीष छाबड़ा,गौरव यादव,प्रकाश चन्द,हरीश बिरमानी,राधे श्याम गौड़, राहुल बिष्ट,अमित पाल,अभिनव मलिक,ऋषिराज पोसवाल, ओम प्रकाश ,मनोज त्यागी,उमा ओबरॉय,अक्षत गोयल,शेर सिंह रावत,पूरण सिंह रावत आदि शामिल थे।

Post A Comment: