ऋषिकेश  24 अक्टूबर। आखिर वही हुआ जो 80 वर्षीय संत दुर्गानंदसरस्वती  को अंदेशा था। स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट की कुटिया नंबर 25 में रह रहे 80 वर्षीय संत दुर्गा नंद सरस्वती को  स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के कर्मचारियों ने जबरन बाहर निकाल कर उनकी कुटिया  को किसी अन्य संतों को दे दी है। सूत्रों के अनुसार संत दुर्गानंद सरस्वती को स्वर्ग आश्रम के द्वारा भजन कीर्तन करने के लिए सिर्फ कुटिया की भूमि दी गई थी उक्त भूमि पर स्वामी योगानंद के द्वारा अपने धनराशि से एक कुटिया का निर्माण करवाया गया ,जिसने एक कमरा बैठक एवं शौचालय  बनवाया गया वर्ष 2019 में स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के मैनेजर सहायक मैनेजर के द्वारा षड्यंत्र रच कर उनके खिलाफ अनर्गल आरोप लगाकर उनसे जबरन खाली करवाई गई ।स्वामी दुर्गानंद सरस्वती दर-दर भटकने के बाद कई बार स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट के प्रबंधक से मिले और उन्होंने गुहार लगाई कि उनकी किसी प्रकार की कोई गलती नहीं है। उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनसे कुटिया छीन ली  गई उनके विनती करने के बावजूद भी स्वर्ग आश्रम ट्रस्ट टस से मस ना हुआ और उन्हें वहां से खदेड़ कर भगा दिया ।उसके बाद स्वामी दुर्गानंद ने मीडिया का दरवाजा खटखटाया और समाज सेवकों से भी मिले जिस पर कुछ मीडिया वाले ने उनके दुख भरी दास्तान को सुनकर उनकी खबर को अपने न्यूज पोर्टल, न्यूज़ चैनल  में  चलाया अपने कुटिया से बेदखल हुए संत दुर्गानंद  मजबूर होकर फुटपाथ पर सोने के लिए विवश होना पड़ा जिसके कारण ठंड लगने से दुर्गा मां बीमार हो गए कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें फुटपाथ से उठाकर शिवानंद आश्रम हॉस्पिटल में  भर्ती करवाया । डॉक्टरों का कहना है कि ठंड लगने के कारण स्वामी दुर्गानंद को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और उन्हें दो-तीन दिन के लिए यहीं पर भर्ती करना पड़ेगा ।  सूत्रों के अनुसार संत दुर्गा नंद की कुटिया को स्वर्ग आश्रम टृस्ट ने किसी अन्य संत से सुविधा शुल्क लेकर 25 नंबर की कुटिया की चाबी उसे सौंप दी है।

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