ऋषिकेश, 07सितम्बर ( आज का आदित्य)उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने  उत्तराखंड में बढ़ रहे प्रदूषण के साथ पानी के  सूख रहे स्रोतों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहां की आज सभी नागरिकों को इसके प्रति जन जागरण किए जाने की आवश्यकता है। यह विचार सुबोध उनियाल ने ओंमकारा नंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 21वे स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थिति को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री द्वारा भी पानी की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई है, जिन्होंने पानी बचाने के लिए मुहिम चलाई जाने का आह्वान किया है। जिनसे हमें प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी प्रदूषण के बढ़ने के कारण पर्यावरण के प्रति चिंता व्यक्त की ज रही है।  सुबोध उनियाल ने कहा कि पुराने ढर्रे पर चली आ रही शिक्षा में भी अमूल चूल परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना था शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसमें हमारी संस्कृति और संस्कार दोनों का समावेश हो यदि संस्कृति बचेगी तो संस्कार भी बच्चों को मिलेंगे उनका कहना था कि आज भारत जैसे देश में यीशु जैसी संस्था की स्थापना कर देश ही नहीं दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है जिसे चांद पर जाने की तैयारी कर ली है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वर्तमान शिक्षा के प्रति चिंता जता चुके हैं और वे समय-समय पर मन की बात में बच्चों को शिक्षा के प्रति टिप्स भी देते हैं। जिन्हें बच्चों को ग्रहण किए जाने की आवश्यकता है ।इस दौरान इंस्टिट्यूट के छात्र छात्राओं ने देश के विभिन्न प्रांतों  के गीत व नृत्य  के साथ योग की प्रस्तुति भी दी। अवसर पर ओंकारानंद इंस्टीट्यूट के केशव मोहन अग्रवाल, संजय कुकसाल, निदेशक राजुल दत्त, मुनी की रेती नगरपालिका के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, चंद्रवीर पोखरियाल ,कैप्टन डीडी तिवारी, योगा शिक्षक  मीना मिश्रा ,बीना जोशी, आर एस रावत, वीरेंद्र चौहान, मनोज बिष्ट प्रदीप राणा ,विनोद कुकरेती मीनू गोदियाल सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे ।

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