ऋषिकेश, 12 सितंबर -गणेश जी का विसर्जन का  अंतिम दिन व अनन्त चतुर्दशी की तीर्थ नगरी में धूम अनन्त चतुर्दशी व  गणेश  विसर्जन जी का अंतिम दिन  एक त्यौहार के रूप में मनाया जा रहा है ,यह पर्व महाराष्ट्र में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है एवं तथा कोई भी कार्य को करने से पहले इनकी वंदना स्तुति की जाती है ऐसे हैं श्री गणेश जो 2 सितम्बर  से  पूजा-अर्चना के साथ  विराजित किए गए थे जो  10 दिन तक विराजित रहें तथा 10 दिन पश्चात  गुरुवार को नदियों व  गंगा में विसर्जित कर दिए जाएंगे इनको घर लाने का तात्पर्य यही होता है कि घर में सुख समृद्धि हर्षोल्लास खुशी बनी रहे तथा यह पर्व बड़ी धूमधाम के साथ अब प्रत्येक राज्य व शहरों में भी मनाया जाने लगा है तथा तीर्थ नगरी ऋषिकेश में भी इसकी धूम दिखी मन मे श्रद्धा भाव के साथ मोहल्लों में व मन्दिरॉब तिरवेणी घाट , आदि जगहों पर गणेश स्थापित आज पूरे 10 दिन पश्चात पूरी पूजा  अर्चना हवन, कन्या पूजन विधि विधान के साथ  आज हर्षोल्लास धमाके के साथ ढोल नगाड़ों के साथ गाजे-बाजे में गणेश जी  की मूर्ति को "गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के  बोल "के साथ विसर्जित कर दिया जाएगा सैलयूट तिरंगा संगठन के प्रदेश  सोशल मिडीया प्रभारी नरेन्द्र खुराना  ने गणेश जी की महत्ता को बताते हुए बताया कि प्रत्येक व्यक्ति जो गणेश जी की मूर्ति घर निवास पर लाता है उनसे 10 दिन तक एक लगाव जुड़ जाता है जो  श्रद्धा भाव का होता है इसी के साथ उन्होंने अनंत चतुर्दशी   व गणपति विसर्जन की सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं दी व  सभी से विनम्र निवेदन किया कि  गणेश जी की प्रतिमा(मूर्त) फिटकरी की घर मे लाये जो गंगा में या नदी में जाने  पर गंगा नदी को दूषित न करे !

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