ऋषिकेश,03 सितम्बर (AKA) वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्ताान से ऋषिकेश आए शरणार्थियों को नगर पालिका द्वारा  व्यवसाय करने के लिए  दी गई , पुराने बद्रीनाथ मार्ग पर  अवैध दुकानों को नगर निगम ने अतिक्रमण की श्रेणी में लाकर 72 वर्षोंं के बाद  जमींदोज कर दिया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर चलाए जा रहे हैं नगर निगम द्वारा अतिक्रमण केे विरुद्ध अभियान के चलते मंगलवार को पुराने बद्रीनाथ मार्ग पर देश की आजादी के बाद पाकिस्तान से  भारत आए शरणार्थियों को  पुराने बद्रीनाथ मार्ग पर तत्कालिक नगर पालिका द्वारा व्यवसाय करने की दृष्टि से  खाली भूमि पर  दुकानें बनाने के लिए  जगह उपलब्ध कराई थी, लेकिन अब इसे भी अवैध कब्जे की  श्रेणी में लाकर , नगर निगम की जेसीबी अवैध कब्जा धारियों पर गर्जी ,जिसके चलते सैकड़ों दुकानों को जमी दोज कर दिया है । उल्लेखनीय है कि  ऋषिकेश में  दुकानदारों द्वारा किए गए  अवैध तरीके से अतिक्रमण को लेकर दायर की गई ,जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा नगर निगम, पीडब्ल्यूडी ,सिंचाई विभाग तथा हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण को 3 सप्ताह के अंदर जवाब दिए जाने के दिए गए नोटिस के बाद नगर निगम हरकत में आया है। इसी के चलते  नगर निगम ने  मंगलवार को पुराने बद्रीनाथ मार्ग  पुराने  टिहरी अड्डे झंडा चौक  से त्रिवेणी घाट  तक सड़क के दोनों ओर किए गए , दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण पर पीला पंजा चलाकर अपनी कार्रवाई को अंतिम अंजाम दिया है ।अतिक्रमण हटाओ अभियान नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, नायब तहसीलदार करण सिंह कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज नैनवाल के नेतृत्व में दूसरे दिन भी सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ किया गया ।जिसकेे अंतर्गत  दुकानदारों द्वारा  कियेे गये अतिक्रमण को जबरन हटा दिया है ।जिससे दुकानदारों में खलबली मची है ।  और उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध किया, तो वहीं कुछ दुकानदार स्वयं ही अपनी दुकानों को तोड़ रहे हैं। वहींं विरोध करने वााले  भारी पुलिस बल होने के कारण  चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे है। वही अतिक्रमण हटाओ अभियान का संचालन कर रहे नगर निगम केेे सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी का कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान उच्च न्यायालय के आदेश पर  चलाया जा रहा है  यदि इस कार्य में कोई भी  अवरोध उत्पन्न करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।यहां यह भी बताते चलें कि  यह कार्रवाई  आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर की जा रही है। जिन्होंने ऋषिकेश की तमाम सड़कों पर दुकानदारों द्वारा किए गए ,,अतिक्रमण हटाए जाने की अपील की थी। जिसके अंतर्गत नगर निगम ,सिंचाई विभाग, पी डब्लू डी, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ने नगर में 3000 से अधिक अतिक्रमण होने की बात स्वीकार कर न्यायालय को अवगत कराया था। जिस पर न्यायालय ने यह अतिक्रमण हटाए जाने के आदेश दिए थे। लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते यह अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया गया था। जिसके अनुपालन ना किये जाने के बाद याचिका कर्ता ने दोबारा न्यायालय को इस संबंध में अवगत करवाया ,जिस पर न्यायालय ने एक बार फिर चारों विभागों को 3 सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाकर जवाब दिए जाने का नोटिस जारी किया है ।इसी के चलते नगर निगम ने मंगलवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया ,और एक सौ से अधिक सड़क पर रखे खो -खो को हटाए जाने के साथ नाली पर बने पक्केे थडों को भी जेसीबी से हटा दिया। नगर निगम के सहायक आयुक्त उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि यह अभियान 8 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा।

Post A Comment: