अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में पीएमआर विभाग व इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन के संयुक्त तत्वावधान में वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी विधिवत शुरू हो गई। जिसमें देशभर के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से करीब 70 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को ट्रामा पेसेंट इमरजेंसी मैनेजमेंट और गेट एनालिसिस का प्रशिक्षण दिया।                                                                                                  एम्स में फिजिकल एंड मेडिकल रिहेबिलिटेशन (पीएमआर) विभाग की ओर से राष्ट्रीय वार्षिक संगोष्ठी के अवसर पर अपने संदेश में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने उम्मीद जताई कि संगोष्ठी ट्रामा से जुड़े मरीजों के मैनेजमेंट व उन्हें विकलांगता से बचाने में कारगर सिद्ध होगी।                                                                                                                                                                                                          निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में पीएमआर विभाग में वर्तमान में मरीजों को कई एडवांस सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिनमें रोबोट, वर्चुअल रिएलिटी, थ्री डी मोशन एनालिसिस लैब, कृत्रिम अंग एवं कैलिपर तैयार करने के लिए थ्री डी प्रिंटिंग तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। जिससे उक्त अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से मरीजों का बेहतर ढंग से रिहेबिलिटेशन किया जा सके।                                           आयोजन समिति की अध्यक्ष डा. राजलक्ष्मी एच. अय्यर व आयोजन सचिव डा. राजकुमार यादव ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन दो कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें एनेस्थिसिया से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों डा. अंकिता कवि, डा. आशुतोष कौशल, डा. संजय अग्रवाल व इमरजेंसी मेडिसिन के डा. निशीथ गोविल,डा. पूनम अरोड़ा, डा. भारत भूषण भारद्वाज, डा. देवेंद्र त्रिपाठी, डा. सुबोध कुमार व डा. मृदुल धर ने प्रतिभागियों को ट्रामा से जुड़े मरीजों की सहायता के लिए आपातकालीन प्रबंधन व एयर-वे मैनेजमेंट व मैकेनिकल वेंटिलेशन का प्रशिक्षण दिया, जबकि गेट एनालिसिस कार्यशाला में सीएमसी वैल्लूर के डा. हेनेरी प्रकाश, बीटीएस, इटली की क्लिनिकल एक्सपर्ट मिखौल कोलूसिनी व एम्स पीएमआर विभाग के डा. ओसामा नेयाज ने उन्हें मरीजों की चाल से संबंधित समस्याओं का समाधान व अनुसंधान के तौर तरीके बताए गए।                                                                               उन्होंने बताया ​कि संगोष्ठी के तहत शनिवार व रविवार को व्याख्यानमाला आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर डा. विनय कन्नौजिया, डा. सुव्रत गुप्ता, डा. देबाशीष, डा. राहुल,डा. विनायक,डा. प्राची,डा. रिद्धिमा, आकृति, तनुज आदि ने सहयोग किया।

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