शारदीय नवरात्र कल से प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापन का सर्वोत्तम मुहूर्त प्रातः 5:45 से 7:19 तक घट स्थापन के लिए विशेष शुभ मुहूर्त
  हस्त नक्षत्र एवं ब्रह्म योग तथा सूर्य चंद्रमा के एक ही राशि में होने से बन रहा है इस वर्ष विशिष्ट संयोग साधकों को मिलेगा मनोवांछित फल
  शारदीय नवरात्र आज से प्रारंभ हो रहा है घट स्थापन के लिए यद्यपि शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सर्वोत्तम माना जाता है परंतु सुबह 5:45 से 7:19 तक कन्या लग्न में भी विशेष शुभ मुहूर्त है जिसमें घट स्थापन विधि विधान से करने एवं जॉब होने से साधकों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी
 उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि इस वर्ष सूर्य एवं चंद्रमा बुध की कन्या राशि में रहेंगे तथा हस्त नक्षत्र होने से कई वर्षों बाद बहुत बड़ा संयोग नवरात्रि पर बन रहा है इसलिए साधकों को चाहिए कि वे प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान ध्यान कर देवी के मंडप को सजा कर उसमें कच्चे नारियल का कलश रखें कलश में आम पीपल दूर्वा जौ और तिल डालकर उसको स्थापित कर दें उसके दक्षिण पार्श्व मे हरियाली बोकर देवी मां से अपने घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए अनुष्ठान प्रारंभ करें दिनभर व्रत रखें शाम को फलाहार कर संध्याकाल में देवी की आरती उतारकर अभी ग्रहण कर सकते हैं
ज्योतिष वैज्ञानिक डॉक्टर घिल्डियाल बताते हैं कि नवरात्रि के 9 दिनों में नवग्रहों की शांति का उपचार भी सर्वोत्तम रहता है और इस बार तो रविवार को पहला नवरात्र होने से सूर्य ग्रह की शांति के लिए बहुत ही शुभ संयोग है फिर दूसरे दिन सोमवार को दूसरा नवरात्र होने से चंद्रमा की शांति इसी प्रकार मंगल बुध बृहस्पति शुक्र शनि और राहु केतु की शांति के लिए जप दांन करना सर्वोत्तम है इससे सभी नवग्रह शांत होकर वर्ष पर्यंत साधकों को सभी कष्टों से मुक्ति देते हैं।
   राशि अनुसार इस प्रकार करें पूजन
मेष गुड़हल के फूल और कुमकुम से वृष लाल और सफेद फूलों से  मिथुन पंचामृत से कर्क रत्नों से मिश्रित जल से सिंह गुड़ गुड़हल के फूल तथा पीले कनेर के फूलों से कन्या सफेद  तिलो से तुला सफेद फूलों से वृश्चिक गुड़ एवं लाल फूलों से धनु जौ एवं कनेर के फूलों से मकर काले तिल एवं लाल फूलों से कुंभ काले तिल एवं विभिन्न रंगों के फूलों से मीन पीपल के पत्तों गुड़हल के फूलों से एवं कनेर के फूलों से।

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