कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए कोच की खोज के बीच पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनने की इच्छा जताई है लेकिन वो ऐसा भविष्य में करना चाहेंगे। फिलहाल उनकी इस हाई प्रोफाइल पोजीशन पर काबिज होने की उनकी इच्छा नहीं है। रवि शास्त्री के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए बीसीसीआई ने आवेदन मंगाए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई थी। ऐसे में कपिल देव की अध्यक्षता वाली क्रिकेट एडवाइडजरी समिति 14-15 अगस्त को कोच के लिए आवेदन करने वालों का साक्षात्कार लेगी। इसके बाद नए कोच के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। विश्व कप के बाद वर्तमान कोच रवि शास्त्री और सपोर्ट स्टाफ का कार्यकाल समाप्त हो रहा था ऐसे में वेस्टइंडीज दौरे के मद्देनजर 45 दिन के लिए उनके कार्यकाल को बढ़ाया गया है।
गांगुली ने कहा, निश्चित तौर पर वह भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनना चाहते हैं लेकिन फिलहाल वो अन्य कामों मे व्यस्त हैं और अलग तरह की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर वो भारतीय टीम का कोच बनाना चाहते हैं लेकिन अभी नहीं। एक दौर की समाप्ति के बाद मैं इस दिशा में कदम बढ़ाउंगा।' 
47 वर्षीय सौरव गांगुली वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल(कैब) के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा वो आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स टीम के साथ बतौर सलाहकार भी जुड़े हुए हैं। वो बतौर कॉमेंट्रेटर भी काम कर रहे हैं। इस बारे में गांगुली ने कहा, मैं फिलहाल बहुत से कामों में उलझा हुआ हूं जैसे आईपीएल, कैब, टीवी कॉमेंट्री। मुझे ये सब काम खत्म करने दीजिए इसके बाद मैं निश्चित तौर पर मैं कोच पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करूंगा। मैं निश्चित तौर पर बतौर कोच काम करना चाहता हूं लेकिन भविष्य में।
भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली रवि शास्त्री का बतौर कोच चयन करने वाली क्रिकेट सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। लेकिन इस बार ये जिम्मेदारी कपिल देव की अध्यता वाली तीन सदस्यीय समिति को दी गई है जिसके अंशुमान गायकवाड़ और महिला टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी अन्य सदस्य हैं। माना जा रहा है कि रवि शास्त्री बतौर कोच अपनी जगह बचा पाने में सफल रहेंगे क्योंकि कप्तान विराट कोहली ने खुले तौर पर उनके कोच बने रहने का समर्थन किया है। ऐसे में कपिल देव ने भी कहा है कि कप्तान की राय का सम्मान किया जाना चाहिए।  
गांगुली ने कहा,  इस बार दिग्गजों खिलाड़ियों ने कोच पद के लिए दावेदारी पेश नहीं की है। उन्होंने कहा, आवेदकों पर नजर डाली जाए तो इस बार कोई बड़ा नाम कोच पद की रेस में शामिल नहीं है। मैंने सुना था कि महेला जयवर्धने आवेदन करने वाले हैं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अंतत: सीएसी क्या निर्णय करेगी यह मुझे नहीं मालूम। ज्यादा लोगों ने आवेदन नहीं किया है ऐसे में पता नहीं कितने समय के लिए नए कोच का चयन किया जाएगा। 
हालांकि गांगुली को बतौर कोच दूसरा कार्यकाल दिए जाने के सवाल पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, मेरा मत मेरे पास है। अभी इस बारे में कुछ भी कहने का सही समय नहीं है। मैं कोच का चयन किए जाने वाले पूरे सिस्टम से बहुत दूर हूं।'

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