जिलाधिकारी ने नमामि गंगे के तहत कार्य की अधिकारियों के साथ समीक्षा की

 ऋषिकेश,03अगस्त( AKA)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा गठित गंगा सुरक्षा समिति से जुड़े तमाम अधिकारियों के साथ अब तक किए गए गंगा में गिरने वाले नालो के संबंध में किए गए कार्यों की जिलाधिकारी ने समीक्षा की। शनिवार को नगर निगम ऋषिकेश के सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी सी रविशंकर ने  गंगा सुरक्षा समिति से जुड़े 16 विभागों  के अधिकारियों के साथ ,विगत 19 जुलाई को हुई बैठक में अधिकारियों द्वारा ऋषिकेश के गंगा में गिरने वाले 6 गंदे नाले सरस्वती, साईं मंदिर ,चंद्रेश्वर नगर, श्मशान घाट ,शांति नगर, ढाल वाला, के साथ तमाम आश्रमों धर्मशाला को शिविर से जोड़े जाने पर समीक्षा की तो वही नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 40 वार्डों में उठाए जाने वाले कूड़े को लेकर भी नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा की

जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर ने ऋषिकेश के क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के तहत अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की पेयजल निगम के अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि 126 करोड़ रुपए की योजना बीते वर्ष अक्टूबर में शुरू हुई थी जिस पर 65 प्रतिशत काम हो चुका है। इस वर्ष 30 नवंबर तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद गंगा में कोई भी नाला नहीं मिलेगा।

नगर निगम कार्यालय में जिलाधिकारी सी रविशंकर ने पेयजल निगम, वन विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य, ऊर्जा निगम के अधिकारियों की बैठक बुलाकर नमामि गंगे योजना की बारीकी से समीक्षा की। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता व नमामि गंगे के परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने बताया कि 126 करोड़ की योजना में 26 एमएलडी क्षमता का लक्कड़ घाट ,खदरी में एसटीपी, तीन पंपिंग स्टेशन और 180 किलोमीटर सीवर लाइन का काम चल रहा है। 30 नवंबर 2019 तक कार्य पूरा हो जाएगा। एसटीपी में 65 प्रतिशत सिविल कार्य और 35 प्रतिशत मेकेनिकल कार्य पूर्ण हो चुका है। सीवर लाइन डालने का काम 70 प्रतिशत पूर्ण हो गया है।इस योजना के तहत गंगा में मिल रहे नालो को रोका जाएगा। बैठक में यह बात सामने आई कि वर्तमान में छह नाले गंगा में मिल रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बैठक में दी गई जानकारी यदि मौका मुआयना करने पर सही नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जानकारी मांगे जाने पर मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने बताया कि सरस्वती लाला, पीडब्ल्यूडी नाला और चंद्रेश्वर नाला में जाली में एकत्र ठोस अपशिष्ट को सप्ताह में दो बार नगर निगम की टीम साफ करती है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसकी नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए। पेयजल निगम गंगा विंग के सहायक अभियंता हरीश बंसल ने बताया कि नगर क्षेत्र में ड्रेनेज को सीवर से जोड़ा गया है जिस कारण सीवर लाइन ओवरफ्लो हो जाती है। जिलाधिकारी ने मुख्य नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि ड्रेनेज सिस्टम के लिए वह अलग से प्लान तैयार करें। कंसलटेंट की राय ली जाए, इसमें एडीबी की भी मदद ली जा सकती है।

नमामि गंगे जिला क्रियावन समिति के सदस्य सुदामा सिंगल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया की चंद्रभागा आईडी पर स्थित लेबर कॉलोनी में अभी भी शौचालयों के अभाव में लोग खुले में शौच कर रहे हैं जिसके लिए उपाय किए जाने जरूरी हैं। परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने बैठक में अवगत कराया कि ऋषिकेश क्षेत्र में 7207 घरेलू सीवरेज कनेक्शन और मुनिकीरेती में 1077 सीवरेज कनेक्शन है। नगर निगम क्षेत्र में 21600 घर है। मुनिकीरेती में 14000 घर है। जिलाधिकारी ने कहा कि 2050 की आबादी के हिसाब से जब सिस्टम तैयार हो रहा है तो ब्रांच लाइनों की स्थिति में भी सुधार करने की जरूरत है। जिलाधिकारी ने लक्कड़ घाट स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का भी निरीक्षण किया।

बैठक में उपजिलाधिकारी प्रेमलाल, नगर निगम के मुख्य आयुक्त चतुर सिंह चौहान सहायक अभियंता ऊर्जा निगम राजीव कुमार, हरीश बंसल सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, पीडब्ल्यूडी के अभियंता बलराम मिश्रा,  के प्रतिनिधि  डॉ वी भारद्वाज, सफाई निरीक्षक सचिन रावत आदि मौजूद रहे

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