दुनिया में विचार मंथन समाप्त हो रहा है इसे पुनर्जीवित किया जाना आवश्यक है -बजरंग मुनि

ऋषिकेश ,30अगस्त (AKA)।बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान द्वारा ऋषिकेश में आयोजित15 दिवसीय ज्ञानोत्सव यज्ञ 2019 का  शुुुभारम् दीप प्रज्वलित कर किया गया । शनिवार को मायाकुण्ड स्थित कृष्ण कुंज आश्रम में आयोजित किए जाने वाले 15दिवसीय ज्ञान महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य की अध्यक्षता व  रामकृष्ण्ण पोखरियाल के संचालन मे  नगर की महापौर का ममगांंई,   बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान के निदेशक आचार्य पंकज तथा संस्थापक बजरंग मुनि, जयेंद्र रमोला ने दीप प्रज्वलित कर किया।  बजरंग मुनि शोध संंस्थान के संस्थापक के संस्थापक बजरंग मुनि ने ज्ञानोत्सव  यज्ञ की उपयोगिता के बारे में बताया कि  वर्तमान समय में  एक आदमी एक दूसरे से ठगा जा रहा हैै क्योंकि दुनिया में विचार मंथन खत्म हो गया है , जिसके कारण  आज का संविधान भी दुनिया केे संविधान और से चोरी कर बनाया गया, जिसमें भारत का अपना कुछ नहीं इतना ही नहीं जो भी पढ़ाया जा रहा वह पूरी तरह असत्य है। जिसके कारण भारत मेंं विश्व युद्ध की संभावना भी बनी है। उन्होंने कहा कि  स्वामी दयानंद के बाद किसी को विद्वान नहीं माना गया हैै , जो दुर्भाग्यपूर्ण है। बजरंग मुनि ने कहा कि पुरानी लिक छोड़ कर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। आज हमने विचार मंथन किए जाने की आवश्यकता है तभी देश आगे बढ़ेगा, अनीता ममगाई ने कहा कि  वर्तमान समय में सार्थक सिद्ध होगा,  इस यज्ञ में देश के सभी प्रांतों से प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं ।जिसमें देश की आर्थिक समस्याएं एवं समाधान विश्व की समस्याओं के साथ श्रम शोषण और मुक्ति, बेरोजगारी, महंगाई, भारत की प्रमुख समस्याएं ,सरकार के दायित्व तथा कर्तव्य लोक संसद, ग्राम संसद ,राइट टू रिकॉल ,राष्ट्रीय धर्म और समाज संस्था, एवं संगठन में अंतर इस्लाम और इसका भविष्य धर्म और संप्रदाय संविधान की समीक्षा ,समान नागरिक संहिता तथा पर्सनल लॉ अपराध और नियंत्रण ,भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचार नियंत्रण ,जैसे विषयों पर विचार मंथन किया जाएगा ।ज्ञानोत्सव के शुभारंभ से पूर्व विशाल  यज्ञ भी आयोजित किया गया , जिसमें देश के सभी प्रांतों से आए लोगों ने अपने अआहुतियां भी  डाली गई। जिसमें 1 घंटे के यज्ञ के साथ 9 घंटे तक विचार मंथन किया जाएगा ।बजरंग मुनि ने कहा कि आज देश में विचार मंथन खत्म हो गया है। तथा विचार प्रचार शुरू हो गया है। जो कि देश के लिए खतरनाक है। उनका कहना था विचार मंथन किया जाना अत्यंत आवश्यक है ।उन्होंने कहा कि आज  जगत दो भागों में बंटा है। जिसके केंद्र में आत्मा है , जिसके अस्तित्व को स्वीकार करते हैं। जबकि नास्ति के पक्षधर आत्मा को पूरी तरह नकारते हैं ।जो कि जनहित में नहीं है ।जिस पर विचार मंथन किए जाने की आवश्यकता है । इस अवसर पर रमा बल्लभ भट्ट,डॉ र राजे ने गी, संतोष मुनि, जनार्दन कैरवान, बहन पुष्पा ध्यानी , मनोज कुमार द्बिवेदी, सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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