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  ऋषिकेश 21 जुलाई ।भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम सावन महीने का पहला सोमवार व्रत आज रखा जाएगा धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रावण माह में भोलेनाथ के पूजन से तथा अभिषेक करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल के संस्कृत प्रवक्ता आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि 32 साल बाद पहाड़ और मैदान का सावन महीना एक साथ शुरू हुआ है इसलिए सौर मास एवं चंद्रमा दोनों पद्धतियों से आज ही सोमवार का व्रत रखा जाएगा इस बार चंद्र मंगल महालक्ष्मी योग से श्रावण मास की शुरुआत हुई है साथ ही पूरे माह सूर्य एवं बुध कर्क राशि में रहने से पूजा-पाठ का शीघ्र फल मिलेगा
  क्यों खास है सावन माह का पूजन
    उत्तराखंड ज्योतिष रत्न से सम्मानित डॉ घिल्डियाल आगे बताते हैं कि कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा मन का स्वामी तथा सूर्य आत्मा का स्वामी है आत्मा का स्वामी सूर्य इस महीने मन के स्वामी चंद्रमा के घर पर विराजमान होने से मन को शिवपूजन से बस में करना 12 महीनों में से इस महीने सबसे आसान हो जाता है इसलिए इस महीने और वह भी सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन और अभिषेक करना मनोवांछित फल को प्रदान करता है
  किस राशि वाले किस सामग्री से करें पूजन और अभिषेक
   आचार्य डॉक्टर  घिल्डियाल बताते हैं कि अलग-अलग राशियों के लिए अलग-अलग सामग्री से भगवान शिव की पूजन और अभिषेक का विधान है मेष जौ एवं दूध से, वृष सफेद फूल और तिलों से, मिथुन शहद और तिलों से ,कर्क सफेद तिल से, सिंह गुड़ तथा फूलों से, कन्या शहद से, तुला शर्करा से, वृश्चिक घी तथा दूध से, धनु सफेद तिलों एंव घी से  मकर काले तिलों से, कुंभ जौ तिल से, मीन जौ फूल काले तिलों से, शिवजी का अभिषेक करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होगी अविवाहित कन्याएं शीघ्र विवाह के लिए मंगला गौरी के व्रत रखें जो प्रत्येक सावन मास के मंगलवार को होंगे

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