हरिद्वार I गायत्री तीर्थ शांतिकुंज की ओर से चलाए जा रहे गृहे-गृहे यज्ञ व उपासना अभियान के अंतर्गत आज देशभर के दो लाख चालीस हजार नए घरों (जहां पहली बार गायत्री यज्ञ होगा) में हवन का कार्यक्रम होगा। इसके लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या के मार्गदर्शन में पिछले दो माह से तैयारियां चल रही थीं। उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, दिल्ली, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पंजाब सहित देश भर के गायत्री चेतना केंद्र, जोनल कार्यालयों और गायत्री शक्तिपीठों में यज्ञाचार्यों का प्रशिक्षण क्रम चलाया गया।

अभियान की जानकारी देते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार डॉ. प्रणव पंड्या ने बताया कि इन दिनों जनमानस में एक व्यापक वैचारिक परिवर्तन की आवश्यकता है। यह एक ऐसा परिवर्तन जो पहले व्यक्ति को अंदर से साफ करेगा और फिर अंदर से बाहर की ओर विस्तारित करेगा। जिससे वे समाज विकास के कार्यों में सच्चे मन से जुट सकें। उन्होंने कहा कि हवन के माध्यम से लोगों में ऐसे ही सद्विचारों को रोपा जाएगा।

देश भर में फैले गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ता दो लाख चालीस हजार नए घरों में हवन कराएंगे। गृहे-गृहे यज्ञ व उपासना अभियान के समन्यवक केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि 29 वर्ष पूर्व 2 जून 1990 को गायत्री परिवार के जनक व वैचारिक क्रांति के प्रणेता आचार्य अपनी आराध्य सत्ता में विलीन हुए थे। तब से हवन सहित अनेक रचनात्मक व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की सोच को सही दिशा में लाने के विशेष अभियान को गति दी जा रही है।

इससे पूर्व शांतिकुंज कार्यकर्त्ताओं की संगोष्ठी में इस अभियान को गति देने के लिए संकल्पित कराया गया। संगोष्ठी को वरिष्ठ कार्यकर्ता वीरेश्वर उपाध्याय, कालीचरण शर्मा आदि ने संबोधित किया। इस दौरान व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. बृजमोहन गौड़ आदि मौजूद रहे। 

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