रविवार को उत्तराखंड में हुई बारिश ने खूब कहर बरपाया। चमोली जिले में बादल फटने से आए मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि पांच गांवों की सैकड़ाें नाली भूमि भी मलबे में दफन हो गई है और एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। अल्मोड़ा जिले में चौखुटिया से सात किमी दूर खीड़ा इलाके में रविवार शाम बादल फटने से एक व्यक्ति राम सिंह लापता हो गया, जबकि तीन गोशालाएं बह गईं। बादल फटते वक्त वह बैलों को बांधने गौशाला गया हुआ था। गांव के एक व्यक्ति की 15 बकरियां, जबकि अन्य के नौ खच्चरों के लापता होने की भी सूचना है।  रविवार को दोपहर बाद चमोली जिले में हुई बारिश के दौरान गैरसैंण ब्लॉक के लामबगड़ गांव के शीर्ष पर बादल फट गया। यहां गांव की कई नाली कृषि भूमि सहित गांव को यातायात से जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं ग्रामीणों के अनुसार गांव का एक व्यक्ति भी घटना के बाद से लापता बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से आपदा राहत एवं बचाव टीम के साथ ही तहसील प्रशासन की टीम को भी मौके के लिये रवाना कर दिया गया है।वहीं ग्रामीणों के अनुसार गांव का एक व्यक्ति भी घटना के बाद से लापता बताया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से आपदा राहत एवं बचाव टीम के साथ ही तहसील प्रशासन की टीम को भी मौके के लिये रवाना कर दिया गया है।यहां लामबगड़ गांव के बादर सिंह की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। खोजबीन के दौरान ग्रामीणों को बादर सिंह का शव घटना स्थल से 300 मीटर की दूरी पर मलबे में दबा हुआ मिला। साथ ही क्षेत्र के पांच गांवों की सैकड़ाें नाली भूमि भी मलबे में दफन हो गई जबकि गांवों को यातयात से जोड़ने वाली चौखुटिया सड़क अवरुद्ध हो गई है। वहीं रामगडे़री गांव के रामसिंह की गौशाला भी क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ यहां रामगडे़री गांव को बाहरी क्षेत्र से जोड़ने के लिए रामगदेरे पर बनी पैदल पुलिया बह गई है। चमोली जिले की डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि गैरसैंण ब्लॉक के लामबगड़ गांव में बादल फटने से मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। राहत एवं बचाव टीम के साथ पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। गांवों में कृषि भूमि को बडे़ पैमाने पर नुकसान हुआ है जबकि आवासीय भवन और अन्य ग्रामीण सुरक्षित हैं। 

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